कन्नौज में दशमी पर अद्भुत आस्था का संगम: ज्वांरा शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

कन्नौज में नवरात्र की दशमी पर निकली ज्वांरा शोभायात्रा ने एक बार फिर आस्था, परंपरा और अद्भुत साहस का संगम प्रस्तुत किया। कस्बे के रामलीला मैदान से शुरू हुई इस यात्रा में हजारों की संख्या में देवी भक्त शामिल हुए, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

सांग धारण करने की अनोखी परंपरा

इस शोभायात्रा की सबसे खास बात रही भक्तों द्वारा मुंह और गालों में लोहे की सांग धारण करना। एक भक्त द्वारा करीब 1 कुंतल 80 किलोग्राम वजनी सांग धारण करना आकर्षण का केंद्र बना। इसके अलावा कई युवक-युवतियों ने भी इस कठिन तपस्या का प्रदर्शन करते हुए श्रद्धा का परिचय दिया।

श्रद्धा में विश्वास: ‘चमत्कार’ की मान्यता

समिति से जुड़े लोगों के अनुसार, यह परंपरा पिछले लगभग दो दशकों से लगातार जारी है। मान्यता है कि देवी मां की कृपा से सांग धारण करते समय न तो रक्तस्राव होता है और न ही बाद में किसी उपचार की आवश्यकता पड़ती है। भक्त इसे देवी की कृपा और चमत्कार मानते हैं तथा अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर इस अनुष्ठान में भाग लेते हैं।

पुष्पवर्षा से स्वागत, नगर बना भक्ति पथ

धर्मशाला रोड और गांधी चौराहा सहित कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पूरे नगर में ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच भक्ति का उत्साह चरम पर देखने को मिला।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

शोभायात्रा के दौरान प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान क्षेत्रीय प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्था का लगातार निरीक्षण करते रहे।कन्नौज की यह ज्वांरा शोभायात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोक आस्था, परंपरा और सामूहिक विश्वास का जीवंत उदाहरण है। हर वर्ष की तरह इस बार भी इस आयोजन ने लोगों के मन में श्रद्धा और उत्साह का नया संचार किया।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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