कन्नौज में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, काली पट्टी बांधकर जताई आपत्ति
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संवाद 24 संवाददाता। वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता लागू किए जाने के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन किया। प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों ने शिक्षण कार्य के दौरान हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
शिक्षक संगठनों के आह्वान पर जिले के विभिन्न ब्लॉकों में यह विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न्यायसंगत नहीं है। उनका तर्क है कि नियुक्ति के समय जो नियम प्रभावी थे, उन्हीं के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई थी, ऐसे में बाद में नई शर्त लागू करना उचित नहीं है।
इस मुद्दे को लेकर 22 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर #justiceforteachers अभियान भी चलाया गया, जिसे व्यापक समर्थन मिला और यह ट्रेंड में रहा। शिक्षकों ने इसे अपनी मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की एक पहल बताया।
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष गुंजन भदौरिया ने बताया कि यह विरोध आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने जानकारी दी कि 26 फरवरी को शिक्षक बीआरसी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया जाएगा।
प्रदर्शन में शालिनी सिंह, मंजरी कटियार, रमन कटियार, साधना यादव, दीप्ति सिंह, शैली मिश्रा, सरिता गौतम, गौरव श्रीवास्तव, संतोष कुमारी, प्रियंका, अनुभा सिंह, पुष्पा, अंकिता, प्रभा देवी, पंकज, अमित, अरविंद और विक्रम सहित विभिन्न ब्लॉकों के महिला एवं पुरुष शिक्षकों ने भाग लिया। सभी ने काली पट्टी बांधकर अपनी आपत्ति शांतिपूर्ण ढंग से दर्ज कराई।






