फर्रुखाबाद के नाम परिवर्तन पर खुला विरोध, 311वें स्थापना दिवस पर तहसीन सिद्दीकी का ऐलान, बोले नाम बदलना शहर की विरासत पर प्रहार
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। फर्रुखाबाद के 311वें स्थापना दिवस के अवसर पर शहर के नाम परिवर्तन की चर्चाओं को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। फर्रुखाबाद विकास खंड के बढ़पुर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष Tahseen Siddiqui ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शहर का नाम बदलने का प्रयास किया गया, तो इसका खुला और संगठित विरोध किया जाएगा।
यह कार्यक्रम ऐतिहासिक बारहदरी बहादुरगंज में आयोजित किया गया था, जहां फर्रुखाबाद के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को केंद्र में रखा गया। तहसीन सिद्दीकी का यह बयान एक वीडियो के माध्यम से सामने आया, जो रविवार से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
“इतिहास और बलिदानों का अपमान होगा”
मंच से संबोधित करते हुए तहसीन सिद्दीकी ने कहा कि फर्रुखाबाद की स्थापना 1714 में नवाब मोहम्मद ख़ान बंगश ने की थी और शहर का नाम 311 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा, बलिदानों और साझा विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “अगर फर्रुखाबाद का नाम बदलकर ‘पांचाल नगर’ करने की कोशिश की गई, तो यह इतिहास का क़त्ल होगा और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
देशभर से जुटे इतिहास प्रेमी
स्थापना दिवस समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से स्वतंत्रता सेनानियों के वंशज, इतिहासकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। शहीद महावीर राठौर की भतीजी स्नेहलता राठौर ने काला पानी की सजा से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग साझा किए। वहीं शाहजहांपुर से स्वतंत्रता सेनानी अशफाक उल्ला ख़ां के पौत्र अशफाक उल्ला, रायपुर से जावेद शाह ख़ां और दिल्ली से इतिहासकार डॉ. अज़हर हुसैन व अरशद हुसैन ने भी अपने विचार रखे।
स्वतंत्रता संग्राम की यादें हुईं ताज़ा
कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजय यादव ने ब्रिटिश शासन के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों पर हुए अत्याचारों और काला पानी की सजा के भयावह अनुभवों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने फर्रुखाबाद को गंगा-जमुनी तहज़ीब और साझा संघर्ष की धरती बताया।
क्षेत्र में बढ़ी चर्चा
तहसीन सिद्दीकी के बयान के बाद शहर के नाम परिवर्तन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।






