27 साल पुराना मामला: डकैती व दुष्कर्म के दोषी को सात साल की सजा
Share your love

फर्रुखाबाद।
अदालत ने 27 वर्ष पुराने डकैती और दुष्कर्म के संवेदनशील मामले में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी अतिराज को दोषी ठहराया है। एडीजे पंचम रितिका त्यागी की अदालत ने आरोपी को सात वर्ष का कठोर कारावास और 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
मामला वर्ष 1998 के शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर थाना क्षेत्र का है। 25 जनवरी की रात करीब 12 बजे पीड़ित युवक ने घर में डकैती और पत्नी के साथ दुष्कर्म की घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, कई बदमाश अचानक घर में घुस आए, कीमती सामान लूट लिया और परिवार को एक कमरे में बंद कर दिया। इसी दौरान आरोपीगण ने महिला को हवस का शिकार बनाया और भागते समय फायरिंग भी की।
पीड़िता ने बदमाशों में से हरि सिंह ठाकुर, भंवरपाल यादव और अतिराज की पहचान की थी, जबकि उनके साथ 3–4 अज्ञात आरोपी भी मौजूद थे। पुलिस ने जांच शुरू की और तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान भंवरपाल पर साक्ष्य न मिलने से उसका नाम मुकदमे से हटाया गया। वहीं हरि सिंह और अतिराज के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान हरि सिंह की मृत्यु हो गई।
गवाहों एवं उपलब्ध सबूतों के आधार पर अदालत ने अतिराज को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।






