अमैयापुर पुलिया पर पलटने से बची नाव, मची भारी चीख-पुकार! फर्रुखाबाद में गंगा-रामगंगा का रौद्र रूप

संवाद 24 फर्रुखाबाद। जिले में गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में रामगंगा इस सीजन के पुराने जलस्तर रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए खतरे के निशान से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ का पानी करीब 30 गांवों तक पहुंच गया है, जबकि कई संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित है। दूसरी ओर शमशाबाद क्षेत्र के समेचीपुर गांव में गंगा के तेज कटान से एक ही दिन में पांच मकान नदी में समा गए। रामगंगा का पानी गुलरिया भावन, पुत्तू वाला गुड़ेरा, नीचे वाला चपरा, वजीरपुर, नौअनपुरवा, कड़हर, बांकेपुरवा, कुंवरपुरा, नवादा और भुढ़िया समेत कई गांवों में घुस चुका है। चिड़िया महोलिया, अलादपुर भटौली, रेगापुर, खरगपुर, राई, सीढ़ेचकरपुर, नौसारा, नाहरैया, बेचेपट्टी और सिकंदरपुर समेत करीब 30 गांव भी बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

संपर्क मार्ग डूबे, आवागमन प्रभावित

बाढ़ का पानी कई संपर्क मार्गों पर बहने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अमैयापुर पुलिया, कड़हर-अर्जुनपुर संपर्क मार्ग, बिचपुरी-वजीरपुर मार्ग और कोला सोता सहित कई रास्ते पानी में डूबे हुए हैं। लोगों को जरूरी कामों के लिए भी जलभराव वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है।

खेतों में पानी, फसलों को नुकसान का खतरा

लगातार जलभराव का असर अब कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। गन्ने की फसल प्रभावित होने लगी है, जबकि कई बीघा खेतों में तिली, चारा और बरसाती मक्का की फसल पानी में डूबकर खराब हो गई है। खेतों में लगातार पानी जमा रहने से किसानों को आगे होने वाले नुकसान की चिंता सताने लगी है।

बिचपुरिया में कटान से बढ़ी चिंता

अमृतपुर तहसील के बिचपुरिया गांव में रामगंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ कटान भी शुरू हो गया है। नदी के किनारे तेजी से हो रहे कटाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

बाढ़ के बीच सड़क पर लग रहा बाजार

अर्जुनपुर गांव में भी जलभराव से सामान्य जनजीवन प्रभावित है। खेतों और बाजार क्षेत्र में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने में परेशानी हो रही है। हालात ऐसे हैं कि सब्जी और अन्य जरूरी सामान की अस्थायी दुकानें सड़क पर लगानी पड़ रही हैं।

अमैयापुर पुलिया पर नाव डगमगाई, मची अफरा-तफरी

बाढ़ के बीच अमैयापुर पुलिया पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने के कारण नाव अचानक असंतुलित होकर डगमगाने लगी। कुछ देर के लिए नाव के पलटने का खतरा पैदा हो गया। हालांकि नाव चालक ने तत्काल स्थिति संभाल ली और बड़ा हादसा टल गया।राजपुर-गुडेरा संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने के कारण अमैयापुर पुलिया ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख साधन बनी हुई है। प्रशासन की ओर से नाव के जरिए लोगों को पुलिया के दूसरे छोर तक पहुंचाया जा रहा है। 

शनिवार को साप्ताहिक बाजार होने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में यहां काफी अधिक भीड़ पहुंची। बताया गया कि नाव चालक लोगों से क्षमता से अधिक सवारियां नहीं बैठने और नाव में बाइक न चढ़ाने की लगातार अपील करता रहा। इसके बावजूद नाव पर भीड़ बढ़ती गई। अधिक भार के कारण नाव डगमगाने लगी और यात्रियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर दरोगा राघवेंद्र भदौरिया और कल्लू सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और व्यवस्था संभाली। पुलिस की मौजूदगी में महिलाओं, बच्चों और अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित तरीके से नाव के जरिए दूसरे छोर तक पहुंचाया गया। चीता पुलिस को भी मौके पर व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई।

समेचीपुर में गंगा का कटान, पांच मकान नदी में समाए

उधर शमशाबाद थाना क्षेत्र के समेचीपुर गांव में गंगा का कटान भी तेजी से बढ़ रहा है। नदी की कटान की चपेट में आकर पांच मकान देखते ही देखते गंगा में समा गए। एक साथ कई घरों के नदी में समाने से गांव में दहशत फैल गई। मकानों के नदी में समाने के बाद प्रभावित परिवार जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाने में जुट गए। ग्रामीणों के अनुसार गंगा का कटान पिछले कई दिनों से लगातार तेज हो रहा है। कई अन्य मकानों के आसपास भी जमीन कटने लगी है, जिससे लोगों को अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीण दिन-रात नदी के बढ़ते कटाव पर नजर रख रहे हैं।

गंगा और रामगंगा के बढ़ते जलस्तर, गांवों में पहुंचते बाढ़ के पानी, कटान और संपर्क मार्गों के डूबने से जिले के प्रभावित इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। किसानों के सामने फसलों को बचाने की चुनौती है, जबकि नदी किनारे बसे परिवारों को घर और सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की चिंता सता रही है।

Samvad 24 Office
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