कुम्हरौर के संविलियन विद्यालय में भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच तेज
Share your love

फर्रुखाबाद के अमृतपुर क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत कुम्हरौर के संविलियन विद्यालय में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद शिक्षा विभाग ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के निर्देश पर दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर विद्यालय भेजी गई। टीम में नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी अमर सिंह राणा और शमशाबाद के खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह पटेल शामिल रहे।
रजिस्टर, एमडीएम और कोरोना काल के खर्चों की जांच
जांच टीम ने विद्यालय पहुंचकर उपस्थिति रजिस्टर, मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) से जुड़े अभिलेख, कोरोना काल में खर्च की गई धनराशि और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। अधिकारियों ने बच्चों की वास्तविक उपस्थिति, शिक्षण कार्य की स्थिति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का भी निरीक्षण किया। विद्यालय स्टाफ से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ कर अभिलेखों और खर्चों का मिलान किया गया।
शिकायत में वित्तीय गड़बड़ी और अभिलेखों में हेरफेर के आरोप
सूत्रों के अनुसार शिकायत में विद्यालय के वित्तीय रिकॉर्ड में गड़बड़ी, सरकारी धनराशि के उपयोग में अनियमितता और एमडीएम वितरण से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। कोरोना काल के दौरान छात्रों के खातों में धनराशि भेजने और खाद्यान्न वितरण में लापरवाही के आरोप भी सामने आए हैं। इससे पहले भी जिले में मिड-डे मील और वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, जिससे इस मामले को और गंभीर माना जा रहा है।
रिपोर्ट के बाद तय होगी विभागीय कार्रवाई
खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द बीएसए को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और विद्यालयों में गुणवत्ता सुधारने के लिए निगरानी और सख्त की जाएगी। हाल ही में फर्रुखाबाद जिले में एमडीएम और विद्यालय निरीक्षण को लेकर प्रशासन की सख्ती भी सामने आई है।






