देर रात बदला मौसम, फर्रुखाबाद में तेज हवा और बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता
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फर्रुखाबाद में मंगलवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं, गरज-चमक और झमाझम बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन को प्रभावित किया। दिनभर बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई थी, लेकिन रात होते-होते तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई, जो देर रात तक जारी रही। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई और ग्रामीण क्षेत्रों में रातभर अंधेरा छाया रहा।
मौसम विभाग की चेतावनी सही साबित हुई
मौसम विभाग ने पहले ही तेज हवा और बारिश की संभावना जताई थी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, मेघगर्जन और बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। पश्चिमी विक्षोभ और नमी वाले मौसमीय सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश के मौसम में यह बदलाव देखने को मिला।
गेहूं की कटाई पर पड़ा असर, खेतों में भीगी फसल
बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल भीग गई है, जिससे कटाई और मड़ाई का काम प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। गांव सिकंदरपुर निवासी राहुल कुमार ने बताया कि बारिश के कारण गेहूं की कटाई दो से तीन दिन तक प्रभावित हो सकती है। खेतों में रखी लहसुन की फसल भी भीग गई है, जबकि तंबाकू की फसल को भी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय गेहूं पकने की स्थिति में है और तेज हवा या बारिश से फसल गिरने, दाने सिकुड़ने और उत्पादन घटने का खतरा बढ़ जाता है। प्रदेश के कई हिस्सों में इसी तरह की बारिश और आंधी से गेहूं, सरसों और तंबाकू की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।
बिजली आपूर्ति भी रही प्रभावित
बारिश और तेज हवाओं के चलते बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई। शहर के कई इलाकों में कुछ समय के लिए बिजली गुल रही, हालांकि देर रात तक आपूर्ति बहाल कर दी गई। वहीं ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था रातभर बाधित रही। तेज हवा के कारण कई जगहों पर लाइन फॉल्ट और तारों में तकनीकी दिक्कतें सामने आईं।
अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। अगले कुछ दिनों तक तेज हवा, हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। हालांकि बीच में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन अप्रैल के पहले सप्ताह में फिर से हल्की बारिश और मौसम में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि रबी फसलों की कटाई का यह सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है।






