चरागाह की जमीन बदल गई पार्क में, प्रशासन बोला जानकारी नहीं थी
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संवाद 24 संवाददाता। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत मिली धनराशि में से 39 लाख रुपये से बन रहे पार्क की बाउंड्रीवाल बृहस्पतिवार रात गिरने के बाद नया मामला सामने आया। जिस जमीन पर निर्माण हो रहा था, वह प्रतिबंधित श्रेणी में शामिल चारागाह की जमीन है। इस जमीन पर निर्माण करने की अनुमति किससे ली गई। शनिवार शाम को इसका जवाब न तो एसडीएम कायमगंज अतुल कुमार सिंह दे सके और न ही एडीएम अरुण कुमार सिंह। दोनों अधिकारियों ने कहा कि जानकारी करने के बाद ही वह कुछ बता सकेंगे कि इस पर निर्माण की अनुमति दी गई है या नहीं।
नगर पंचायत की ओर से 39 लाख रुपये से बन रहे पार्क की गुणवत्ताविहीन बाउंड्रीवाल ढहने के बाद नया खुलासा हुआ है। इस जमीन पर नगर पंचायत पार्क बनवा रहा था, वह जमीन प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाली चारागाह की है। इसमें बिना शासन की अनुमति के निर्माण करने की रोक है। नगर पंचायत ने 42 बीघा चारागाह की जमीन के 10 बीघा हिस्से में पार्क के लिए बाउंड्रीवाल करवा दी। इसके एक तरफ का हिस्सा धराशायी हुआ तो गुणवत्ता की पोल खुल गई। लापरवाही इतनी कि राजस्व विभाग के जिम्मेदारों ने भी अपने उच्चाधिकारियों को सूचना तक नहीं दी। इससे नगर पंचायत व राजस्व विभाग की मिलीभगत की बू झलक रही है।
ईओ बोले, जांच के लिए बनेगी कमेटीईओ प्रमोद कुमार वैस ने कहा कि जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी। कार्यदायी संस्था ने यदि लापरवाही बरती है, तो उस पर कार्रवाई होगी। गुणवत्ता पर ध्यान न देने वाले जिम्मेदार भी चिह्नित होंगे।
प्रतिबंधित श्रेणी में शामिल चारागाह की जमीन पर बिना शासन से परमीशन बाउंड्रीवाल बनकर तैयार ही नहीं बल्कि ढह भी गई। मगर जिले भर के निकायों के प्रभारी अधिकारी-एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि जमीन चारागाह की है। निर्माण में यदि गड़बड़ी हुई है तो जांच कराई जाएगी। एसडीएम कायमगंज अतुल सिंह ने भी चारागाह की जमीन होने से अनभिज्ञता बताई। कहा कि निकायों के प्रभारी एडीएम होते हैं वही बताएंगे कि निर्माण की अनुमति ली गई या नहीं। उनसे कहा, ईओ ने बताया है कि चारा बोने के लिए बाउंड्रीवाल बनाई जा रही थी। इस पर एसडीएम बोले तो निर्माण कराया जा सकता है।
चारागाह की भूमि पर निर्माण होने और उसकी बाउंड्रीवाल गिरने से संबंधित जांच एडीएम को सौंपी है। जांच से स्थिति स्पष्ट होगी। -आशुतोष कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी






