“तुम मुझे खून दो…” के नारे से गूंजा परिसर, नेताजी की 129वीं जयंती पर भावुक श्रद्धांजलि
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संवाद 24 संवाददाता। स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर जिले में विभिन्न स्वयंसेवी और शिक्षण संस्थाओं ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए। “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” जैसे ओजस्वी नारे से युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने वाले नेताजी को स्मरण करते हुए वक्ताओं ने उनके अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया।
अंतरराष्ट्रीय न्यायिक मानवाधिकार संरक्षण भारत के तत्वावधान में शहर स्थित बद्री विशाल महाविद्यालय परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बसंत पंचमी के अवसर पर सर्वप्रथम मां सरस्वती का विधिवत पूजन किया गया, जिसके पश्चात नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य दीक्षित ने कहा कि नेताजी का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान अतुलनीय है और उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसे महान राष्ट्रनायक की जयंती मनाना हम सभी के लिए गौरव का विषय है।
प्रदेश महासचिव नारायण दत्त द्विवेदी ने बसंत पंचमी और नेताजी की जयंती के संयोग को विशेष बताते हुए कहा कि यह अवसर ज्ञान, संस्कृति और राष्ट्रसेवा—तीनों मूल्यों को एक साथ आत्मसात करने का संदेश देता है। प्रदेश सचिव नरेंद्र राजपूत राणा ने नेताजी के प्रसिद्ध नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आज भी हर भारतीय के मन में जोश भर देता है।
जिलाध्यक्ष सुनील तिवारी ने कहा कि आज़ाद हिंद फौज के गठन के माध्यम से नेताजी ने देश की आज़ादी के लिए निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने नेताजी के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी नमन करते हुए उनके संस्कारों को प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम में लज्जाराम वर्मा, मंजू तोमर, सुनीता अग्निहोत्री, रघुवंश मिश्रा, कुलभूषण श्रीवास्तव, रत्नेश मिश्रा, रानू ठाकुर, अर्चना द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित जनसमूह ने नेताजी के आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।






