ईरान संकट ने तोड़ी किसानों की उम्मीद, बासमती धान सस्ता हुआ

संवाद 24 संवाददाता। ईरान में बने हालात का सीधा असर देश के बासमती चावल कारोबार पर देखने को मिल रहा है। निर्यात प्रभावित होने से बासमती किस्मों के धान के दामों में तेज गिरावट आई है। फर्रुखाबाद जनपद की कृषि उत्पादन मंडी समिति कमालगंज में बासमती और महीन किस्मों के धान के भाव करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल तक टूट गए हैं, जिससे आढ़तियों और किसानों दोनों की चिंता बढ़ गई है।

मंडी सूत्रों के अनुसार, ईरान संकट से पहले बासमती धान के निर्यात में तेजी थी। इसी वजह से हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों के व्यापारी कमालगंज मंडी में सक्रिय थे और ऊंचे दामों पर सौदे कर रहे थे। बासमती 1692 किस्म का धान, जो पहले 3400 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा था, अब घटकर 3150 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है।

इसी तरह बासमती 1509 किस्म के धान में भी करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई है। यह किस्म फिलहाल 3200 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिक रही है। निर्यात पर असर और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के चलते व्यापारियों ने खरीद में सतर्कता बढ़ा दी है, जिसका सीधा प्रभाव मंडी भावों पर पड़ा है।

मंडी में मौजूद आढ़तियों का कहना है कि अक्टूबर में फसल तैयार होने के समय किसानों ने बड़ी मात्रा में धान बेच दिया था, लेकिन अभी भी कुछ आढ़तियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। क्षेत्र में महीन किस्मों, खासकर ‘ताज’ धान की पैदावार भी इस वर्ष अच्छी रही। फसल के समय ताज

धान का भाव 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा था।
कुल मिलाकर, ईरान संकट से जुड़े वैश्विक हालात ने स्थानीय मंडियों तक असर दिखाया है। यदि निर्यात स्थितियों में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में बासमती और महीन किस्मों के धान के भावों में और उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Anuj Singh
Anuj Singh

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