धर्म और परंपरा का संगम: राम नगरिया मेले में तीन संत बने महंत
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संवाद 24 संवाददाता। गंगा तट पर आयोजित मेला श्री राम नगरिया में बुधवार को वैष्णव संप्रदाय के अखाड़े में एक भव्य एवं गरिमामय धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वैष्णव परंपरा के तीन साधु-संतों को महंती की पदवी प्रदान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं साधु-संतों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।
यह आयोजन अखिल भारतीय श्री पंच तेरा भाई त्यागी वैष्णव संप्रदाय अखाड़ा के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। सुबह से ही कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई थीं। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यापक व्यवस्था की गई, जिसमें करीब एक हजार से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
अखाड़ा अध्यक्ष महंत मोहनदास महाराज की अध्यक्षता में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। लगभग एक घंटे तक चले पूजन-अर्चन के पश्चात संत सूरज दास, संत भोला दास एवं संत उपेंद्र दास को तिलक, माला और विधिवत संस्कारों के साथ महंत की पदवी प्रदान की गई। इस दौरान अखाड़े से जुड़े अनेक वरिष्ठ साधु-संत मंच पर मौजूद रहे।
महंत मोहनदास महाराज ने बताया कि अखाड़े की परंपरा के अनुसार जो साधु-संत पांच से सात वर्षों तक ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए निस्वार्थ भाव से साधना, आराधना एवं अखाड़े के नियमों का अनुशासनपूर्वक पालन करता है, उसी पर महंती की पदवी देने पर समिति विचार करती है। उन्होंने नव नियुक्त महंतों से गुरु-परंपरा का सम्मान बनाए रखने, धर्म के संरक्षण व प्रचार के साथ-साथ समाज सेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर मेला परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने नव नियुक्त महंतों से आशीर्वाद लिया और धार्मिक आयोजन की सराहना की। आयोजन ने मेला श्री राम नगरिया की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक सुदृढ़ किया।






