घनी आबादी के बीच आगरा मेट्रो का ऐतिहासिक कदम: अंडरग्राउंड ट्रैक पर पहला ट्रायल सफल
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संवाद 24संवाददाता। ताजनगरी के परिवहन इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। पुराने और घनी आबादी वाले शहर क्षेत्र में बनाए गए अंडरग्राउंड ट्रैक पर आगरा मेट्रो का पहला परीक्षण मंगलवार शाम सफलतापूर्वक किया गया। यह ट्रायल बिजलीघर चौराहा से आइएसबीटी तक करीब पांच किलोमीटर लंबे भूमिगत सेक्शन पर किया गया, जहां सुरक्षा और तकनीकी मानकों को परखने के लिए मेट्रो को बेहद धीमी गति से चलाया गया।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) की टीम ने शाम करीब सात बजे ट्रायल रन शुरू किया। इस दौरान मेट्रो की अधिकतम गति पांच किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में कम रफ्तार पर परीक्षण का उद्देश्य ट्रैक, टनल, सिग्नलिंग सिस्टम और संरचनात्मक मजबूती की बारीकी से जांच करना है।
दो महीने चलेगा परीक्षण, कई टीमें करेंगी जांच
यूपीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रायल अप लाइन में करीब दो माह तक चलेगा। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक तकनीकी टीमें ट्रैक की गुणवत्ता, सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिक सिस्टम, सेफ्टी फीचर्स और कम्युनिकेशन नेटवर्क की जांच करेंगी। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही मेट्रो की गति को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।
एमडी सुशील कुमार रहे मौजूद
अंडरग्राउंड ट्रैक पर हुए पहले ट्रायल के दौरान यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने कोच में बैठकर यात्रा की और इंजीनियरों से तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। अधिकारियों का कहना है कि शीर्ष स्तर की निगरानी से परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
14 किमी लंबा होगा पहला कॉरिडोर
आगरा मेट्रो का पहला कॉरिडोर टीडीआई मॉल फतेहाबाद से सिकंदरा तिराहा तक कुल 14 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें एलिवेटेड और अंडरग्राउंड—दोनों तरह के सेक्शन शामिल हैं। करीब डेढ़ साल पहले छह किलोमीटर लंबा प्राथमिक सेक्शन शुरू किया जा चुका है, जो टीडीआई मॉल से बिजलीघर चौराहा तक फैला है। इस हिस्से में तीन एलिवेटेड और तीन भूमिगत स्टेशन हैं। वहीं, बिजलीघर चौराहा से आइएसबीटी तक का पांच किलोमीटर लंबा सेक्शन पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिसमें चार भूमिगत और एक एलिवेटेड स्टेशन शामिल है। आइएसबीटी स्टेशन का काम अंतिम चरण में है।
90 किमी प्रति घंटे तक होगी रफ्तार
यूपीएमआरसी अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल पूरा होने और सभी सुरक्षा मानकों के सफल परीक्षण के बाद इस ट्रैक पर मेट्रो की गति को धीरे-धीरे बढ़ाकर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक किया जाएगा। इससे आगरा के लोगों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
कुल मिलाकर, अंडरग्राउंड ट्रायल का सफल होना आगरा मेट्रो परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आने वाले समय में यह मेट्रो न केवल शहर की यातायात समस्या को कम करेगी, बल्कि आगरा को आधुनिक शहरी परिवहन के नक्शे पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।






