4 दिसंबर 2025 का वैदिक पंचांग एवं रशिफल
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संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 4 दिसम्बर 2025, गुरुवार
कालगणना
कलियुग – 5127
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
सम्वत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – शुक्ल
तिथि – चतुर्दशी रात्रि 03:14 तक, तत्पश्चात् पूर्णिमा
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – भरणी रात्रि 04:44 तक (5 दिसंबर), तत्पश्चात् कृत्तिका
योग – शूल
करण – बालव, तत्पश्चात् कौलव
चंद्र गोचर – मेष राशि में
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:58
सूर्यास्त – 05:21
अभिजित मुहूर्त – 11:55 से 12:35 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:49 से 12:42 तक (5 दिसंबर)
राहुकाल – सुबह 01:17 से 02:34 तक
दिशाशूल – दक्षिण दिशा में
पंचक – नहीं
भद्रा – नहीं
सर्वार्थसिद्धि योग – नहीं
व्रत-पर्व विवरण
आज मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी है, जो शिव-पूजन और पितृ-तर्पण के लिए शुभ मानी जाती है।
विशेष जानकारी
शुक्ल चतुर्दशी को भगवान शिव के रुद्राभिषेक से कष्टों का निवारण होता है। व्यापार और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में विशेष राहत मिलती है।
दिशा-विवेक
- पूर्व दिशा में यात्रा करना आज शुभ।
- दक्षिण दिशा में जाने से पूर्व गुड़ का सेवन करें।
- सोते समय सिर पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर रखें।
आज का विशेष उपाय (दाम्पत्य सौख्य हेतु)
गुरुवार के दिन विष्णु भगवान को पीले पुष्प अर्पित करें।”ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 21 बार जप करें। इससे दाम्पत्य जीवन में मधुरता, परिवार में सुख और शांति बनी रहती है।

आज का राशिफल 4 दिसंबर 2025, गुरुवार
आज का दिन आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा?
किसका चमकेगा आज भाग्य? पढ़ें सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। हर राशि के लिए दिनभर का सटीक विश्लेषण।
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
कार्य में तेजी आएगी। लाभ के योग।
उपाय – शिवलिंग पर दूध अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
धन वृद्धि संभव। पारिवारिक सुख बढ़ेगा।
उपाय – गुरुवार को पीली दाल दान करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
नए अवसर मिलेंगे। लाभदायक संपर्क बनेंगे।
उपाय – तुलसी को जल चढ़ाएँ।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
मन शांत रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार।
उपाय – शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
सम्मान मिलेगा। रुके कार्य पूर्ण होंगे।
उपाय – सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल दें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
कार्य में सफलता। व्यापार मजबूत।
उपाय – गाय को हरा चारा दें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
दाम्पत्य जीवन सुखद। साझेदारी से लाभ।
उपाय – लक्ष्मीजी को कमल पुष्प अर्पित करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
परिवार में आनंद। विवाद समाप्त।
उपाय – हनुमान चालीसा पढ़ें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
भाग्य मजबूत रहेगा। धार्मिक रुचि बढ़ेगी।
उपाय – पीले फल का दान करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
कार्यस्थल पर प्रशंसा। आर्थिक लाभ।
उपाय – शनि देव को तेल चढ़ाएँ।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
सामाजिक मान बढ़ेगा। निर्णय मजबूत होंगे।
उपाय – जरूरतमंद को भोजन कराएँ।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
यश और धन में वृद्धि। मन प्रसन्न।
उपाय – गणेश जी को मोदक अर्पित करें।
विशेष योग – गुरुवार, विष्णुजी की आराधना से ज्ञान, सौभाग्य, परिवार और मान-सम्मान की वृद्धि होती है।


