20 नवम्बर 2025 का वैदिक पंचांग
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संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 20 नवम्बर 2025, गुरुवार
कालगणना
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं तिथि
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – कृष्ण (Amavasya पक्ष)
तिथि – अमावस्या, शाम 12:17 तक; तत्पश्चात् प्रतिपदा
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – विशाखा सुबह तक, तत्पश्चात् अनुराधा
योग – शोभन सुबह तक, तत्पश्चात अतिगण्ड
करण – नाग तिथि समाप्ति तक, तत्पश्चात् कीमस्तुघ्न
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:48 AM
सूर्यास्त – 05:36 PM
राहुकाल – 01:33 PM से 02:54 PM
अभिजीत मुहूर्त – 11:23 AM से 12:05 PM (शुभ वक्त)
दिशा-शूल
दक्षिण दिशा में यात्रा या पूजा करते समय सावधान रहें।
व्रत / पर्व विवरण – मार्गशीर्ष अमावस्या, गौरी तपो व्रत संभव है (कुछ पंचांग सूत्रों में उल्लेख है)
विशेष उपाय
आध्यात्मिक उन्नति और पितृ-शांति: आज तर्पण और दान का बहुत महत्व है, क्योंकि अमावस्या का दिन पितृ पक्ष का माना जाता है। शाम को पवित्र जल में तिल, चावल आदि दान करें और “ॐ पितृभ्यो नमः” मंत्र का 108 बार जप करें ताकि पूर्वजों को शांति मिले और परिवार में संतुलन बना रहे।
आर्थिक सुधार – पारद (लौह) में हल्का दान करना लाभदायक हो सकता है। इसके साथ “ॐ श्रीमद्भर्गवाय नमः” मंत्र का 21 बार उच्चारण करें, यह धन-संपत्ति और स्थिरता में वृद्धि के लिए सहायक माना जाता है।
मान-सम्मान और गुरु-प्राप्ति – गुरुवार होने के कारण, गुरुओं या संतों को अक्षत, पीले पुष्प और गुड़ का दान करना लाभप्रद है। इसके बाद “ॐ गुरुर्बृहस्पतये नमः” मंत्र का 11 बार जाप करें, जिससे सम्मान और आध्यात्मिक मार्ग में वृद्धि होती है।



