राजस्थान में ‘अरावली बचाओ’ अभियान तेज, कांग्रेस का पैदल मार्च, खनन और कॉर्पोरेट गठजोड़ पर लगाए आरोप
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संवाद 24 सीकर। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर राजस्थान में कांग्रेस का ‘अरावली बचाओ’ अभियान शनिवार को और तेज हो गया। सीकर, दौसा, अजमेर, अलवर, पाली, नागौर, झुंझुनूं समेत कई जिलों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बैनर और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे।
सीकर में अंबेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक निकाले गए मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। निवर्तमान सभापति जीवण खां ने कहा कि अरावली क्षेत्र में कथित दलाली को बंद किया जाना चाहिए और प्राकृतिक धरोहर के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनीता गिठाला ने आरोप लगाया कि सरकार ने चंदे के बदले बड़ी कंपनियों को अरावली क्षेत्र में लाभ पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी का मानना है कि अरावली की पहाड़ियां केवल खनिज संसाधन नहीं, बल्कि प्रदेश की जीवनरेखा हैं और इनके संरक्षण के लिए ठोस कदम जरूरी हैं।

राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह के मार्च निकाले गए। दौसा में नेहरू गार्डन से गांधी तिराहे तक, अजमेर में ज्योतिबा फुले सर्किल से मदार गेट तक, पाली में कांग्रेस भवन से कलेक्ट्रेट तक और झुंझुनूं में विधायक के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया गया। उदयपुर और भीलवाड़ा में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैलियों के जरिए अरावली संरक्षण की मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अरावली पर्वतमाला मरुस्थल के विस्तार को रोकने, जलस्तर बनाए रखने और पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद अहम है। पार्टी ने मांग की है कि खनन गतिविधियों पर सख्ती बरती जाए और अरावली क्षेत्र के संरक्षण के लिए स्पष्ट नीति लागू की जाए।






