विजय दिवस 2025: 1971 की ऐतिहासिक जीत को देश ने किया नमन, पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मु और खरगे ने वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि
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संवाद 24। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली |
भारत ने मंगलवार को 54वां विजय दिवस पूरे देश में गर्व और सम्मान के साथ मनाया। 16 दिसंबर 1971 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान को निर्णायक शिकस्त देकर बांग्लादेश को आज़ादी दिलाई थी। यह दिन भारतीय सैन्य इतिहास में शौर्य, रणनीति और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।
विजय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1971 के युद्ध में शामिल वीर सैनिकों को याद करते हुए उन्हें नमन किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय जवानों के अदम्य साहस और त्याग ने देश को ऐतिहासिक विजय दिलाई और राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि सैनिकों की वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
प्रधानमंत्री ने युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह जीत भारत के इतिहास में गर्व का स्वर्णिम अध्याय है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी विजय दिवस पर देश के वीर सपूतों को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की बहादुरी, अनुशासन और मातृभूमि के प्रति समर्पण देश को सदैव गौरवान्वित करता रहेगा। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में हालिया सैन्य अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता, आधुनिक तकनीक और रणनीतिक दृढ़ता के बल पर सेना ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने सैनिकों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी शुभकामनाएं दीं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी विजय दिवस पर भारतीय सेना के शौर्य को याद किया। उन्होंने कहा कि 1971 की जीत ने न केवल युद्ध का परिणाम बदला बल्कि दक्षिण एशिया के इतिहास में भी एक नया अध्याय जोड़ा। खरगे ने तत्कालीन नेतृत्व की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विजय भारतीय सैन्य क्षमता और बलिदान की मिसाल है, जिसे देश हमेशा याद रखेगा।
विजय दिवस के मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और 1971 के युद्ध में भारतीय सेना की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया गया। यह दिन भारत की एकता, सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बना हुआ है।






