8वें वेतन आयोग से पहले पेंशनर्स को बड़ी राहत: 7वें वेतन आयोग के बाद भी बढ़ता रहेगा डियरनेस रिलीफ
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संवाद 24, नई दिल्ली। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होने वाला है, लेकिन इसके साथ ही पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) रुक जाएगी—ऐसी आशंकाओं पर अब बड़ा अपडेट सामने आया है। साफ है कि 7वें वेतन आयोग के खत्म होने के बाद भी पेंशनर्स का डीआर बंद नहीं होगा, बल्कि पहले की तरह बढ़ता रहेगा।
सरकार पेंशनर्स को महंगाई से राहत देने के लिए डीआर देती है, जो सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) के बराबर होता है। इसे साल में दो बार—जनवरी और जुलाई—में संशोधित किया जाता है। फिलहाल डीआर की दर 58% है और जनवरी 2026 में अगली बढ़ोतरी प्रस्तावित है।
क्या 7वें वेतन आयोग के बाद डीआर शून्य हो जाएगा?
इस सवाल पर विशेषज्ञों का जवाब स्पष्ट है—नहीं।
केंद्र सरकार के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी-पेंशनभोगी संघ के सचिव के मुताबिक, ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी डीआर और डीए में बढ़ोतरी जारी रहती है। जब तक नया वेतन आयोग लागू नहीं हो जाता, तब तक महंगाई के आंकड़ों के आधार पर डीआर बढ़ता रहता है।
उन्होंने बताया कि पहले भी वेतन आयोगों की सिफारिशें लागू होने में देरी हुई है, लेकिन उस दौरान भी डीआर को डीए के साथ नियमित रूप से बढ़ाया गया।
कैसे बढ़ता है डीआर और कब मिलता है एरियर?
सरकार डीआर में बढ़ोतरी जनवरी और जुलाई से लागू करती है, हालांकि इसकी घोषणा अक्सर होली या दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से पहले की जाती है। ऐसे मामलों में पेंशनर्स को पिछली तारीख से एरियर भी मिलता है।
उदाहरण के तौर पर:
अगर किसी पेंशनर की मूल पेंशन ₹25,000 है और डीआर 58% है, तो कुल पेंशन ₹39,500 बनती है।
यदि जनवरी 2026 में डीआर बढ़कर 60% हो जाता है, तो कुल पेंशन ₹40,000 हो जाएगी।
8वें वेतन आयोग से पहले कितनी बार बढ़ सकता है डीआर?
यदि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2027 तक लागू होती हैं, तो डीआर में चार बार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है:
जनवरी 2026
जुलाई 2026
जनवरी 2027
जुलाई 2027
पेंशनर्स की संख्या कर्मचारियों से ज्यादा
वित्त मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार में इस समय करीब 69 लाख पेंशनर्स हैं, जबकि कार्यरत कर्मचारियों की संख्या लगभग 50.14 लाख है। यह आंकड़ा बताता है कि पेंशन और डीआर सरकार के लिए कितनी अहम जिम्मेदारी है।
8वें वेतन आयोग में पेंशन कितनी बढ़ सकती है?
7वें वेतन आयोग में न्यूनतम पेंशन ₹9,000 और अधिकतम ₹1.25 लाख तय की गई थी।
अगर 8वें वेतन आयोग में 2.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो:
न्यूनतम मूल पेंशन ₹18,000
अधिकतम पेंशन ₹2.5 लाख तक पहुंच सकती है।
डियरनेस रिलीफ का उद्देश्य साफ है—महंगाई के असर से पेंशनर्स की क्रय शक्ति को बचाए रखना।
इसलिए, भले ही 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त हो जाए, पेंशनर्स के लिए डीआर में बढ़ोतरी जारी रहने की पूरी उम्मीद है। यह फैसला रिटायरमेंट के बाद भी लाखों पेंशनर्स को आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करेगा।






