
संवाद 24 नई दिल्ली। भारत और इजरायल के बीच कूटनीतिक और सामरिक प्रगाढ़ता का एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक अध्याय देखने को मिल रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर विशेष बातचीत की। इस संवाद के दौरान नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने और देश के सबसे प्रतिष्ठित ‘मशाल प्रज्वलन समारोह’ (Torch Lighting Ceremony) में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साथ संयुक्त रूप से मशाल प्रज्वलित करने का औपचारिक निमंत्रण दिया। किसी विदेशी राष्ट्रप्रमुख और विदेशी नागरिक को इजरायल के इस राष्ट्रीय मंच पर दिया जाने वाला यह सम्मान कूटनीतिक दुनिया में बेहद अप्रत्याशित और असाधारण माना जा रहा है।
जमीन और हवा दोनों जगह आतंकवाद से संयुक्त जंग
इस उच्चस्तरीय टेलीफोन वार्ता की पुष्टि करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की। नेतन्याहू ने लिखा कि उन्होंने अपने मित्र, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की और उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय जांबाज पायलट के साथ मशाल प्रज्वलित करने का न्योता दिया है। नेतन्याहू के मुताबिक, पीएम मोदी ने इस आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और इजरायल ज़मीन से लेकर हवा तक मिलकर आतंकवाद का मुकाबला कर रहे हैं। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच दशकों पुराने प्रगाढ़ और रणनीतिक रिश्तों की भी जमकर सराहना की। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बातचीत के संदर्भ में बयान जारी करते हुए बताया कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में लगातार आ रही मजबूती की समीक्षा की गई। इसके साथ ही पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात, सुरक्षा परिदृश्य और क्षेत्र में तत्काल शांति व स्थिरता बहाल करने की आवश्यकता पर भी दोनों नेताओं के बीच गंभीर मंत्रणा हुई।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार, जिनकी बहादुरी का कायल हुआ इजरायल?
यह अभूतपूर्व न्योता सीधे तौर पर भारतीय कॉमर्शियल पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के उस अद्वितीय साहस से जुड़ा है जिसने हाल ही में हवा में होने वाले एक बड़े आतंकी षड्यंत्र को नाकाम कर दिया था। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073, जो दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी और जिसमें 174 यात्री (जिनमें अधिकांश इजरायली नागरिक थे) सवार थे, उस वक्त एक खौफनाक मंजर की गवाह बनी जब बीच हवा में को-पायलट ने कॉकपिट के भीतर ही कैप्टन स्मित पर घातक हमला बोल दिया। हमले के दौरान कैप्टन के सिर पर गंभीर चोटें आईं और खोपड़ी में फ्रैक्चर तक हो गया। विमान तेजी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा था। इसके बावजूद, असहनीय दर्द और खून से लथपथ होने के बाद भी कैप्टन स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। उनके इस अदम्य साहस की बदौलत अन्य क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने हमलावर को दबोच लिया और विमान की सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन सुरक्षित लैंडिंग कराई जा सकी। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को फोन करके उन्हें “इजरायल, भारत और पूरी दुनिया का हीरो” करार दिया था।
इज़रायल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान और कूटनीतिक संदेश
इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह की परंपरा के मुताबिक, मशाल प्रज्वलित करने का सम्मान आमतौर पर केवल इजरायली नागरिकों के लिए ही सुरक्षित रहता है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित मच्छार को एक साथ इस मंच पर आमंत्रित करना यह साफ दर्शाता है कि तेल अवीव की नजर में भारत के साथ रिश्ते किस रणनीतिक और मानवीय ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं। रक्षा और विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी भारी उथल-पुथल, ड्रोन हमलों और विमानन सुरक्षा पर मंडराते खतरों के बीच भारत-इजरायल का यह आतंकवाद-विरोधी समन्वय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समीकरणों को नई दिशा देने वाला साबित होगा।






