
संवाद 24 नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक बहुमंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे भवन को धुएं तथा लपटों ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गंभीर रूप से झुलसे लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
धुएं से भर गई पूरी इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में इमारत के भीतर घना धुआं भर गया। कई लोग ऊपरी मंजिलों पर फंस गए और बाहर निकलने के लिए मदद की गुहार लगाने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और दमकल विभाग को सूचना दी। धुएं की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
मौके पर पहुंचीं दमकल की कई गाड़ियां
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने बचाव अभियान शुरू करते हुए इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। आग की तीव्रता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र को भी सुरक्षा के लिहाज से खाली कराया गया। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
बचाव अभियान में दिखी तेजी
दमकलकर्मियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने राहत एवं बचाव कार्य को युद्धस्तर पर चलाया। कई लोगों को सीढ़ियों और विशेष उपकरणों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते बचाव अभियान शुरू नहीं किया जाता तो नुकसान और अधिक हो सकता था।
एक मौत से पसरा मातम
हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जिससे परिवार और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान और हादसे की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। वहीं घायलों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि कुछ लोगों को धुएं के कारण सांस संबंधी परेशानी हुई है।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। हालांकि शॉर्ट सर्किट सहित विभिन्न संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस घटना के बाद इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कई भवनों में सुरक्षा उपकरण या तो मौजूद नहीं होते या फिर उनका रखरखाव सही ढंग से नहीं किया जाता। ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
दिल्ली प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें। बिजली के उपकरणों और वायरिंग की नियमित जांच कराएं तथा आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुला रखें। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और सतर्कता से ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
हादसे ने बढ़ाई चिंता
तुगलकाबाद की यह घटना राजधानी में बढ़ते अग्निकांडों को लेकर चिंता बढ़ाने वाली है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जरूरत को फिर से रेखांकित किया है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था की जा रही है।






