इंदौर में मौत का तांडव: EV की चिंगारी ने घर को बनाया श्मशान, 10 गैस सिलेंडरों के फटने से उड़े परखच्चे, एक ही परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत
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संवाद 24 मध्य प्रदेश। आर्थिक राजधानी इंदौर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शहर के पॉश इलाके बृजेश्वरी एनेक्स में बीती रात एक घर में लगी भीषण आग ने छह जिंदगियों को सदा के लिए खामोश कर दिया। यह हादसा इतना भयानक था कि धमाकों की गूंज से पूरा इलाका दहल उठा। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे न केवल डराने वाले हैं बल्कि आधुनिक तकनीक और सुरक्षा के प्रति हमारी लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
कैसे शुरू हुआ मौत का सिलसिला?
घटना की शुरुआत रात के सन्नाटे में हुई। बताया जा रहा है कि घर के बाहर खड़ी एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्ज हो रही थी। चार्जिंग पॉइंट में अचानक हुए शॉर्ट सर्किट के कारण एक जोरदार धमाका हुआ और गाड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने घर के मुख्य दरवाजे को अपनी चपेट में ले लिया। घर के मालिक मनोज पुगलिया, जो कि एक बड़े पॉलीमर कारोबारी थे, अपने परिवार के साथ अंदर सो रहे थे। जब तक उन्हें खतरे का अहसास होता, तब तक बाहर निकलने का रास्ता आग की लपटों से घिर चुका था।
सिलेंडरों के धमाकों ने बनाया ‘बम हाउस’
इस हादसे को और भी भयावह बना दिया घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों ने। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, घर के भीतर लगभग 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर रखे हुए थे। जैसे ही आग घर के अंदर पहुंची, सिलेंडरों ने एक-एक कर फटना शुरू कर दिया। धमाके इतने जोरदार थे कि मकान की दीवारें और छत का एक हिस्सा ढह गया। इसके साथ ही, मनोज पुगलिया का पॉलीमर का कारोबार होने के कारण घर में कुछ ज्वलनशील केमिकल्स भी मौजूद थे, जिन्होंने आग में घी का काम किया। पूरा घर देखते ही देखते आग के गोले में तब्दील हो गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और चीख-पुकार
सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियाँ और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। स्थानीय लोगों ने बताया कि घर के अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि कोई भी अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, परिवार के छह अन्य सदस्य आग और धुएं के कारण दम तोड़ चुके थे। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे पूरे शहर में शोक की लहर है।
EV और अवैध भंडारण पर उठते सवाल
इस घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। क्या चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई तकनीकी खामी थी? इसके अलावा, रिहायशी इलाके में इतने बड़े पैमाने पर गैस सिलेंडर और ज्वलनशील केमिकल का भंडारण करना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी?
प्रशासन की कार्रवाई
इंदौर प्रशासन ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। फॉरेंसिक टीम मौके से साक्ष्य जुटा रही है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।






