होली के हुड़दंग में बदला खुशियों का रंग: कहीं चली गोलियां तो कहीं पिकअप से कुचला
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संवाद 24 नई दिल्ली। रंगों का त्योहार होली, जो आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है, इस बार देश के कई हिस्सों में खूनी संघर्ष और दर्दनाक हादसों की भेंट चढ़ गया। पंजाब से लेकर पश्चिम बंगाल और राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश तक, हिंसा और दुर्घटनाओं ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। कहीं तेज संगीत को लेकर विवाद जानलेवा साबित हुआ, तो कहीं धार्मिक जुलूस के दौरान भड़की चिंगारी ने तनाव का रूप ले लिया।
पंजाब: संगीत रोकने पर पिकअप से कुचला, फिरोजपुर में डबल मर्डर
पंजाब में होली के जश्न के दौरान सबसे वीभत्स घटना लुधियाना के साहनेवाल इलाके में घटी। यहाँ वाल्मीकि मोहल्ले में बुधवार रात होली के दौरान तेज आवाज में गाना बजाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। जब 25 वर्षीय युवक भूपिंदर सहोता ने शोर कम करने को कहा, तो आरोपियों ने गुस्से में आकर उसे और उसे बचाने आई 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला बलविंदर कौर को पिकअप वैन से बेरहमी से कुचल दिया। इस हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, फिरोजपुर में भी होली का रंग उस समय लाल हो गया जब बच्चों के बीच मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दो गुटों के बीच हुई अंधाधुंध फायरिंग में दो लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, फाजिल्का-दिल्ली एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक परिवार के साथ ट्रेन लुटेरों ने मारपीट की और नकदी सहित गहने लूट लिए, जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल रहा।
पश्चिम बंगाल और राजस्थान: सांप्रदायिक तनाव और हादसे
पश्चिम बंगाल के आसनसोल (बराकर) में होली के दिन दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। करीम डंगाल क्षेत्र में हुई इस पत्थरबाजी में एक एएसआई समेत नौ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालात इतने बेकाबू थे कि इलाके में बम और गोलियां चलने की भी खबरें आईं, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। राजस्थान के कोटा में होली खेलते समय एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई, जिससे उत्सव के माहौल में सन्नाटा पसर गया। वहीं, बूंदी के आलोद गांव में एक जुलूस के दौरान कथित तौर पर मस्जिद पर काला रंग फेंकने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस की मुस्तैदी ने किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया, लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है।
उत्तर प्रदेश: पुलिस पर पथराव और दबंगई
उत्तर प्रदेश में भी होली के दिन कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली कई घटनाएं सामने आईं। कौशांबी, संभल, कन्नौज और उन्नाव जैसे जिलों में पुलिस टीम पर पथराव किया गया। संभल में जब पुलिस ने अश्लील और राजनीतिक गाने बजाने से रोकने की कोशिश की, तो दबंगों ने सिपाहियों पर हमला बोल दिया, जिसमें सिपाही मदन गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। अलीगढ़ में तो बदमाशों ने हद पार कर दी; यहाँ एक भाजपा नेता के रिश्तेदार के घर रंग लगाने के बहाने घुसकर डकैती डाली गई और विरोध करने पर महिला को चाकू मारकर घायल कर दिया गया। बदायूं में भी जुलूस के रास्ते को लेकर दो जातियों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा हुई। इन घटनाओं ने एक बार फिर त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक मर्यादाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुटा है।






