सदर बाजार में मौत का तांडव: आग की लपटों में खाक हुई करोड़ों की संपत्ति, एक बेगुनाह ने तोड़ा दम
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संवाद 24 दिल्ली । देश की सबसे बड़ी थोक मंडी ‘सदर बाजार’ एक बार फिर भीषण अग्निकांड से दहल उठी है। पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में स्थित इस व्यापारिक केंद्र में मंगलवार को लगी आग ने न केवल करोड़ों रुपये का सामान जलाकर राख कर दिया, बल्कि एक व्यक्ति की जान भी ले ली। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी के सबसे व्यस्त इलाकों में सुरक्षा मानकों और फायर ब्रिगेड की पहुंच की चुनौतियों पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
धुएं के गुबार से ढका आसमान, चीख-पुकार के बीच मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत एक व्यावसायिक इमारत की दूसरी मंजिल से हुई। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इलाके में प्लास्टिक, रेडीमेड कपड़े और कॉस्मेटिक्स का भारी स्टॉक होने के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। धुएं का काला गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
एक की दर्दनाक मौत, कई घायल
इस हादसे में एक व्यक्ति की जान जाने की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि वह इमारत के भीतर फंस गया था और धुएं के कारण दम घुटने और आग की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। हादसे में कुछ अन्य लोग भी झुलसे हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन मृतक की शिनाख्त करने और उसके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है।
तंग गलियों ने बढ़ाई फायर ब्रिगेड की मुश्किलें
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की एक दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन सदर बाजार की संकरी गलियों ने राहत कार्य में भारी बाधा डाली। दमकल की बड़ी गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लगा, जिसके कारण आग ने और अधिक विकराल रूप ले लिया। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक व्यापारिक संपत्तियों का भारी नुकसान हो चुका था।
शॉर्ट सर्किट या लापरवाही? जांच जारी
शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस और फायर विभाग इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे। व्यापारियों का कहना है कि इन पुराने इलाकों में तारों का मकड़जाल हमेशा ही खतरे को दावत देता रहता है, जिसकी कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
व्यापारियों में भारी रोष, सुरक्षा पर सवाल
सदर बाजार के व्यापारिक संगठनों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। साथ ही, उन्होंने पुराने दिल्ली के बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग को फिर से दोहराया है। इस हादसे ने एक बार फिर याद दिला दिया है कि यदि राजधानी के इन संवेदनशील व्यापारिक केंद्रों में फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन नहीं हुआ, तो आने वाले समय में और भी भयानक हादसे हो सकते हैं।






