सरफरा ट्रायल से अचानक रुकावट तक: जम्मू–श्रीनगर वंदे भारत के सफर का नया मोड़

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संवाद 24 जम्मू और कश्मीर। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी योजना – जम्मू से श्रीनगर तक वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा – अचानक एक नए मोड़ पर खड़ी हो गई है। कुछ ही घंटों पहले इस सेवा के विस्तार को लेकर उत्साह फैल गया था कि उसे लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है, लेकिन रात होते-होते रेलवे बोर्ड ने इसे वापस ले लिया और विस्तार कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। यह निर्णय रेल परिचालन को 1 मार्च से श्रीनगर तक सीधी वंदे भारत सेवा देने की तैयारियों के बीच आया है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों में नए सवाल खड़े हो गए हैं।

ट्रायल की सफलता पर अचानक ब्रेक
हाल ही में जम्मू-तवी से कटड़ा तक श्री माता वैष्णो देवी-कटड़ा के बीच वंदे भारत ट्रेन के 20 कोचों वाला ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। परीक्षण के दौरान तकनीकी, इंजन और संचालन से जुड़ी सभी सुविधाएँ जांची गईं और विशेषज्ञों ने इसे अच्छा प्रदर्शन बताया था। ऐसे में कई लोग समझ रहे थे कि श्रीनगर तक सेवा की विस्तारित घोषणा मात्र औपचारिक है, लेकिन इसके विपरीत रेलवे ने अचानक नोटिफिकेशन वापस ले लिया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय “कुछ अपरिहार्य कारणों” से लिया गया है और फिलहाल यह लागू नहीं होगा, जब तक आगे कोई आधिकारिक सूचना न दी जाए। वरिष्ठ व्यावसायिक प्रबंधक उच्छित सिंघल ने कहा कि जैसा ही कोई नई जानकारी मिलेगी, वह यात्रियों के साथ साझा की जाएगी।

ऐसी क्या वजह बनी?
हालांकि रेलवे ने विस्तार को किन कारणों से रोक दिया यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो कई पहलुओं पर और गृहकार्य की आवश्यकता है — जैसे:
रूट के कुछ हिस्सों में बुनियादी ढांचे का अंतिम रूप से समीक्षा होना
स्टेशन यार्ड-रिमॉडलिंग कार्य को पूरी तरह से पूरा करना
परिचालन और सुरक्षा सुविधाओं का ऑपरेशनल टेस्टिंग के लिए अंतिम हरी झंडी मिलना
इन महत्वपूर्ण बिंदुओं को अंतिम रूप देने की दिशा में अतिरिक्त समय की ज़रूरत महसूस की है।

यात्रियों की उम्मीदें और असमंजस
यह निर्णय यात्रियों में मिश्रित प्रतिक्रिया ला रहा है। एक तरफ सैलानी यह सेवा के लिए बहुत उत्साहित थे, क्योंकि वंदे भारत ट्रेन जम्मू-श्रीनगर के बीच चलने पर यात्रा समय लगभग 5 घंटे में पूरा हो सकता है, जो सड़क मार्ग पर करीब 8 घंटे से भी ज़्यादा है। इससे न केवल यात्रा आरामदायक होगी बल्कि पर्यटन और जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। दूसरी तरफ अचानक स्थगन से कई लोगों को निराशा हुई है। कुछ यात्रियों का कहना है कि यदि वंदे भारत सेवा श्रीनगर तक नहीं मिलती है, तो वे पुराने मार्ग और अन्य साधनों का उपयोग जारी रखेंगे।

परियोजना की बड़ी तस्वीर
दरअसल, यह वंदे भारत सेवा जयमू-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का एक हिस्सा है, जिसका लक्ष्य कश्मीर घाटी को भारत के मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ना है। USBRL की पूरी दूरी लगभग 324 किलोमीटर है और इस पर ट्रेनों का संचालन पिछले कुछ समय से जारी है। इस नए रेल लिंक के साथ, जम्मू रेलवे डिवीजन ने गौरतलब प्रगति हासिल की है। रेलवे स्टेशनों पर रिडिवेलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर अपडेट किए जा रहे हैं ताकि वंदे भारत को सुचारू रूप से श्रीनगर तक चलाया जा सके।

अगला कदम कब?
अब रेलवे बोर्ड ने संकेत दिया है कि आने वाले सप्ताहों में इस सेवा के लागू होने की तारीख पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित विभाग सक्रिय रूप से तैयारियों पर काम कर रहा है और जैसे ही सभी तकनीकी मसलों पर सहमति बनती है, विस्तारित सेवा की घोषणा फिर से की जाएगी।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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