नमो भारत और मेरठ मेट्रो: अब जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ, मात्र इतने रुपये में तय होगा दिल्ली से मेरठ का सफर! देखें पूरा किराया चार्ट

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संवाद 24 नई दिल्ली । पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है। दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरियां अब मिनटों में सिमटने जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नमो भारत ट्रेन (RRTS) और मेरठ मेट्रो के नए खंडों के उद्घाटन के साथ ही, इस हाई-स्पीड कॉरिडोर का किराया भी सार्वजनिक कर दिया गया है।

किराये का गणित: आम आदमी के बजट में हाई-स्पीड सफर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने यात्रियों की सुविधा और बजट को ध्यान में रखते हुए किराये की दरें तय की हैं। ताज़ा जानकारी के अनुसार, मेरठ के भीतर और दिल्ली तक के सफर के लिए किराये को बेहद प्रतिस्पर्धी रखा गया है।
न्यूनतम और अधिकतम किराया: नमो भारत ट्रेन में यात्रा का न्यूनतम किराया मात्र 20 रुपये रखा गया है, जबकि सराय काले खां (दिल्ली) से मोदीपुरम (मेरठ) तक के 82 किलोमीटर लंबे पूरे सफर के लिए यात्रियों को लगभग 210 रुपये खर्च करने होंगे।
मेरठ शहर के भीतर: अगर आप मेरठ के भीतर ही एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक यात्रा करते हैं, तो किराया 20 से 30 रुपये के बीच होगा। उदाहरण के तौर पर, मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक का किराया लगभग 60 रुपये होने की उम्मीद है।
प्रीमियम क्लास का अनुभव: यदि आप अधिक सुख-सुविधाओं के साथ यात्रा करना चाहते हैं, तो प्रीमियम कोच का विकल्प भी मौजूद है। प्रीमियम क्लास का किराया स्टैंडर्ड क्लास की तुलना में लगभग दोगुना या डेढ़ गुना अधिक होगा। सराय काले खां से मेरठ साउथ तक प्रीमियम कोच का किराया करीब 225 रुपये तक जा सकता है।

निजी वाहन से सस्ता और सुविधाजनक
एक तुलनात्मक अध्ययन के अनुसार, दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत का औसत किराया लगभग 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर बैठता है। वहीं, यदि आप अपनी सीएनजी कार से यही सफर तय करते हैं, तो इसका खर्च करीब 3.50 रुपये प्रति किलोमीटर आता है। इस लिहाज से नमो भारत न केवल समय बचाएगी, बल्कि आपकी बचत में भी 30% तक का इजाफा करेगी।

मेरठ मेट्रो: देश की सबसे तेज़ मेट्रो का आगाज़
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेनें एक ही ट्रैक और बुनियादी ढांचे पर चलेंगी। मेरठ मेट्रो मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच 21 किलोमीटर के दायरे में संचालित होगी।
कुल स्टेशन: मेरठ मेट्रो कुल 13 स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस, डोरली, और मेरठ नॉर्थ जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं।
रफ़्तार: 120 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के साथ, यह भारत की सबसे तेज़ मेट्रो प्रणाली बन गई है। यह पूरी दूरी मात्र 30 मिनट में तय कर लेगी।

कनेक्टिविटी का महाजाल: सराय काले खां बनेगा मुख्य हब
दिल्ली का सराय काले खां स्टेशन अब एक ‘मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब’ में तब्दील हो चुका है। यहां से यात्री न केवल रैपिड रेल, बल्कि दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन और सराय काले खां आईएसबीटी (बस स्टैंड) तक आसानी से पहुँच सकेंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए यहाँ 280 मीटर लंबा फुट ओवरब्रिज और ट्रावेलेटर्स (चलती हुई सड़कें) भी लगाए गए हैं।

आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘नमो भारत’
नमो भारत ट्रेनें सिर्फ रफ़्तार के लिए नहीं, बल्कि अपनी विश्व स्तरीय सुविधाओं के लिए भी जानी जाती हैं। ट्रेनों में यात्रियों के लिए वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स, डायनेमिक रूट मैप्स और आपातकालीन संचार प्रणाली दी गई है। साथ ही, व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के लिए भी विशेष स्थान आरक्षित हैं, जो इसे बेहद समावेशी बनाते हैं।

बदल जाएगी पश्चिमी यूपी की तस्वीर
मेरठ और दिल्ली के बीच इस कॉरिडोर के पूरी तरह चालू होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ़्तार मिलेगी। जहाँ पहले दिल्ली से मेरठ जाने में 2 से 3 घंटे का समय लगता था, अब वह सफर 60 मिनट से भी कम में पूरा होगा। किफायती किराया और अत्याधुनिक तकनीक का यह संगम निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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