तिरुपुर में दिल्ली पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 6 संदिग्ध गिरफ्तार, फर्जी आधार कार्ड और विदेशी कनेक्शन का खुलासा

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संवाद 24 डेस्क । औद्योगिक शहर तिरुपुर में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक गुप्त और बेहद संवेदनशील ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में इन लोगों के तार प्रतिबंधित संगठनों और देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने दक्षिण भारत में छिपे ‘स्लीपर सेल्स’ और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है।

खुफिया इनपुट के आधार पर छापेमारी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर प्रतिबंधित संगठनों के पक्ष में न केवल प्रचार कर रहे हैं, बल्कि युवाओं को बरगलाने की कोशिश भी कर रहे हैं। इनपुट के आधार पर टेक्निकल सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की लोकेशन तिरुपुर के वीरपांडी और उसके आसपास के इलाकों में ट्रैक की गई। बिना किसी शोर-शराबे के दिल्ली पुलिस की टीम तिरुपुर पहुँची और स्थानीय पुलिस की सहायता से संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी की। रात के अंधेरे में किए गए इस ऑपरेशन में कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनसे गहन पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

फर्जी पहचान पत्र और बांग्लादेशी कनेक्शन
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से बरामद दस्तावेजों ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। इनके पास से भारतीय आधार कार्ड (Aadhaar Cards) और अन्य पहचान पत्र मिले हैं, जो प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत हो रहे हैं। जांच अधिकारियों का संदेह है कि ये आरोपी मूल रूप से बांग्लादेशी नागरिक हैं जो अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आए और तिरुपुर की कपड़ा फैक्ट्रियों में मजदूर बनकर रहने लगे। इनके कब्जे से कई स्मार्टफोन और संदिग्ध डेटा भी मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, ये आरोपी टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए सीमा पार बैठे अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे। वे प्रतिबंधित पाकिस्तानी संगठनों और चरमपंथी विचारधारा का समर्थन करने वाले वीडियो और संदेश प्रसारित कर रहे थे।

तिरुपुर ही क्यों?
तिरुपुर भारत का ‘निटवेयर हब’ है, जहाँ देश-विदेश से हजारों लोग काम की तलाश में आते हैं। भारी भीड़ और प्रवासी मजदूरों की बड़ी संख्या का फायदा उठाकर अपराधी यहाँ अपनी पहचान छुपाकर आसानी से बस जाते हैं। दिल्ली पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन लोगों को फर्जी दस्तावेज दिलाने में किन स्थानीय एजेंटों ने मदद की।

राष्ट्रीय सुरक्षा और आगे की जांच
दिल्ली पुलिस इन सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाने की तैयारी कर रही है। स्पेशल सेल यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या ये लोग किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश का हिस्सा थे या फिर इनका काम केवल फंड जुटाना और युवाओं का ब्रेनवाश करना था।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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