RCMP रिपोर्ट से सनसनी: कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर भारत सरकार से संबंधों का आरोप, द्विपक्षीय रिश्तों पर फिर सवाल
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संवाद 24 नई दिल्ली। कनाडा में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को लेकर एक नई रिपोर्ट ने भारत–कनाडा संबंधों में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। कनाडा की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी Royal Canadian Mounted Police (RCMP) की एक गोपनीय खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग कथित तौर पर भारत सरकार के इशारे पर कनाडा में अपनी गतिविधियां संचालित कर रही थी।
कनाडाई मीडिया संस्थान Global News के अनुसार, उसने इस तीन पन्नों की बिना तारीख वाली रिपोर्ट को एक्सेस किया है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग और भारत सरकार के बीच कथित संबंधों का कई बार उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में गैंग को एक “हिंसक और संगठित आपराधिक नेटवर्क” बताया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूदगी लगातार बढ़ रही है।
गंभीर आरोप, लेकिन सबूतों पर सवाल
RCMP की इस खुफिया समीक्षा में कहा गया है कि बिश्नोई गैंग कनाडा में जबरन वसूली, नशीले पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और टारगेटेड हत्याओं जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है। रिपोर्ट के अनुसार, गैंग का प्राथमिक उद्देश्य आर्थिक लाभ है, न कि कोई वैचारिक या धार्मिक एजेंडा।
हालांकि, रिपोर्ट में लगाए गए आरोप ऐसे समय सामने आए हैं जब भारत और कनाडा के रिश्ते हाल के महीनों में धीरे-धीरे सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे थे। पिछले वर्ष लंबे समय तक चले राजनयिक तनाव के बाद दोनों देशों ने फिर से एक-दूसरे के यहां राजदूत नियुक्त किए थे। भारत पहले भी कनाडा की ओर से लगाए गए जासूसी और हिंसा से जुड़े आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है और सबूतों की कमी की बात कहता आया है।
राजनीतिक और कूटनीतिक संदर्भ
दिलचस्प रूप से, RCMP की यह रिपोर्ट उसी दिन सार्वजनिक होने की बात कही जा रही है, जब ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबे भारत के दौरे पर व्यापारिक मिशन की शुरुआत कर रहे थे। इससे रिपोर्ट के समय और उसके कूटनीतिक असर को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला नेटवर्क
RCMP का आकलन है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग केवल कनाडा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी गतिविधियां कई देशों में फैली हुई हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पिछले एक वर्ष में गैंग ने कनाडा में अपनी हिंसक मौजूदगी को और मजबूत किया है, जिससे वहां की आंतरिक सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
फिलहाल, भारत सरकार की ओर से इन ताज़ा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन दावों को ठोस सबूतों के साथ आगे बढ़ाया गया, तो यह मामला भारत–कनाडा संबंधों के लिए एक बार फिर गंभीर चुनौती बन सकता है।






