डीके शिवकुमार की पोस्ट से कर्नाटक की सियासत गरमाई, सीएम बदलने की अटकलों को मिली हवा
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संवाद 24 बेंगलुरु। कर्नाटक में कांग्रेस नेतृत्व को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने मुख्यमंत्री पद में संभावित बदलाव की अटकलों को हवा दे दी है। यह पोस्ट कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के तुरंत बाद सामने आई, जिसे पार्टी के भीतर चल रहे सत्ता संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
डीके शिवकुमार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा “कोशिशें भले ही नाकाम हो जाएं, दुआएं कभी नाकाम नहीं होतीं।” यह संदेश मंगलवार को मैसूर एयरपोर्ट पर राहुल गांधी से हुई संक्षिप्त लेकिन अहम बातचीत के बाद पोस्ट किया गया। इसके बाद राज्य की राजनीति में यह सवाल उठने लगे कि क्या कांग्रेस कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर रही है।
एयरपोर्ट पर हुई संक्षिप्त लेकिन अहम बातचीत
राहुल गांधी मंगलवार दोपहर तमिलनाडु के गुडलूर जाने के लिए विशेष विमान से मैसूर के मंडकल्लि एयरपोर्ट पहुंचे थे। वहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उनका स्वागत किया। कुछ देर बाद राहुल गांधी हेलिकॉप्टर से रवाना हो गए।
शाम को दिल्ली लौटने से पहले राहुल गांधी जब दोबारा मैसूर एयरपोर्ट पहुंचे, तो डीके शिवकुमार पहले से मौजूद थे। इस दौरान रनवे पर दोनों नेताओं के बीच करीब तीन मिनट तक आमने-सामने बातचीत हुई। कुछ ही देर बाद सिद्धारमैया भी वहां पहुंचे और तीनों नेताओं के बीच संक्षिप्त चर्चा के बाद राहुल गांधी शाम करीब 5:45 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
पोस्ट के राजनीतिक मायने
राहुल गांधी से मुलाकात के तुरंत बाद आई शिवकुमार की पोस्ट को कांग्रेस के अंदरूनी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संदेश केवल व्यक्तिगत भाव नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रही रणनीतिक चर्चाओं का संकेत हो सकता है। इसी वजह से कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदले जाने की चर्चाएं एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं।
सिद्धारमैया ने अटकलें खारिज कीं
इन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर बदलाव की बातें केवल मीडिया की अटकलें हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनके और डीके शिवकुमार के बीच कोई मतभेद नहीं है। सिद्धारमैया ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई फैसला होगा तो वह कांग्रेस हाईकमान करेगा और दोनों नेता उसे स्वीकार करेंगे।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की आवाजाही और नेताओं की सार्वजनिक गतिविधियों पर कांग्रेस हाईकमान की पैनी नजर बनी हुई है। ऐसे में डीके शिवकुमार की पोस्ट और राहुल गांधी से हुई यह मुलाकात कर्नाटक की राजनीति में आगे क्या संकेत देती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।






