“लंबा और स्वस्थ जीवन” पीएम मोदी ने अपने ‘हनुमान’ जयशंकर को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं, कूटनीति में भरोसे की मिसाल
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संवाद 24 नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर आज अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भावपूर्ण संदेश साझा करते हुए उन्हें लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की। प्रधानमंत्री ने जयशंकर को एक बेहतरीन राजनयिक बताते हुए कहा कि वे भारत की विदेश नीति को मजबूती देने और दुनिया के साथ रिश्तों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के संदेश में साफ झलका कि जयशंकर न सिर्फ सरकार के अहम स्तंभ हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की सशक्त आवाज भी हैं। विदेश सचिव से लेकर विदेश मंत्री तक का उनका सफर अनुभव, संतुलन और रणनीतिक सोच का प्रतीक रहा है।
कूटनीति में भरोसे का नाम
डॉ. जयशंकर को प्रधानमंत्री मोदी का भरोसेमंद रणनीतिकार माना जाता है। उनके नेतृत्व में भारत की विदेश नीति ने नई दिशा पकड़ी, चाहे वह वैश्विक शक्तियों के साथ संतुलन हो या भारत के हितों की मुखर पैरवी। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी स्पष्टता और तथ्यपरक प्रस्तुति ने भारत की छवि को मजबूत किया है।
‘हनुमान’ वाली टिप्पणी ने बटोरी सुर्खियां
हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर की एक टिप्पणी चर्चा में रही। उनसे पूछा गया था कि क्या देश के लिए “एक जयशंकर” काफी है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि असल सवाल यह होना चाहिए कि “एक मोदी” पर्याप्त हैं, क्योंकि कूटनीतिज्ञ, भगवान हनुमान की तरह, अपने नेतृत्व यानी भगवान राम की सेवा करते हैं। इस बयान को प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनके विश्वास और समर्पण के तौर पर देखा गया।
अनुभव, सूझबूझ और वैश्विक पहचान
अपने लंबे करियर में जयशंकर ने भारत की विदेश नीति को व्यावहारिकता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाया है। चाहे पड़ोसी देशों से संबंध हों या वैश्विक शक्तियों के साथ संवाद—उन्होंने भारत को एक जिम्मेदार और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
जन्मदिन के अवसर पर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों से उन्हें बधाइयों का सिलसिला जारी है। समर्थकों का मानना है कि जयशंकर की रणनीतिक सोच आने वाले वर्षों में भी भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करेगी।






