पेंटागन रिपोर्ट का खुलासा : चीन बना दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक, पाकिस्तान सबसे अहम खरीदार

संवाद 24 डेस्क। अमेरिकी रक्षा विभाग Pentagon ने चीनी सेना और रक्षा उद्योग पर आधारित 2025 की वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए चीन के बढ़ते हथियार व्यापार पर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बन चुका है और इस पूरे नेटवर्क में Pakistan उसका सबसे बड़ा और रणनीतिक खरीदार बनकर उभरा है।
पाकिस्तान–चीन रक्षा गठजोड़ और गहरा
रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2024 तक चीन ने बड़ी संख्या में हथियारों का निर्यात किया, जिनमें छोटे हथियारों से लेकर उन्नत सैन्य प्लेटफॉर्म तक शामिल हैं। खास तौर पर पाकिस्तान को चीन द्वारा हवा, जमीन और समुद्र तीनों मोर्चों पर इस्तेमाल होने वाले हथियार और उपकरण लगातार मुहैया कराए जा रहे हैं।
पेंटागन के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान को अब तक 36 J-10C मल्टीरोल फाइटर जेट सौंपे हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान दुनिया का इकलौता देश बन गया है, जिसके पास यह उन्नत चीनी लड़ाकू विमान है।
इसके अलावा, 2017–18 के बीच चीन ने पाकिस्तान को चार आधुनिक नौसैनिक फ्रिगेट भी दिए थे, जिससे समुद्री सुरक्षा सहयोग और मजबूत हुआ है।
ड्रोन और हाई-टेक हथियारों की आपूर्ति
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि चीन ने पाकिस्तान को कैहोंग (CH) और विंग लूंग (Wing Loong) जैसे हमलावर सैन्य ड्रोन उपलब्ध कराए हैं। इन ड्रोन की तैनाती से दोनों देशों के बीच सैन्य और तकनीकी साझेदारी का स्तर और गहराया है।
वैश्विक हथियार बाजार में चीन की पकड़
पेंटागन रिपोर्ट के अनुसार, चीन फिलहाल निर्यात के लिए तीन प्रमुख लड़ाकू विमानों की पेशकश कर रहा है—
पांचवीं पीढ़ी का FC-31,
चौथी पीढ़ी का J-10C,
और चीन-पाकिस्तान का संयुक्त रूप से विकसित JF-17।
ड्रोन के मामले में भी चीन ने अपनी मौजूदगी तेज कर दी है। पाकिस्तान के अलावा अल्जीरिया, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, इराक, मोरक्को, म्यांमार, सर्बिया और यूएई जैसे देशों को भी हमलावर ड्रोन की आपूर्ति की गई है।
कम कीमत, ज्यादा प्रभाव
रिपोर्ट में एशिया और अफ्रीका में चीनी हथियारों की बढ़ती बिक्री को लेकर विशेष चिंता जताई गई है। पेंटागन का आकलन है कि कई विकासशील देश, खासकर अफ्रीकी राष्ट्र, पश्चिमी हथियार प्रणालियों की तुलना में कम लागत के कारण चीन की ओर झुक रहे हैं।
गुणवत्ता पर सवाल, वित्तीय मदद से जवाब
पेंटागन के अनुसार, चीनी हथियारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इन आशंकाओं को दूर करने के लिए चीन हथियार खरीदने वाले देशों को वित्तीय सहायता, आसान ऋण और पैकेज डील जैसी सुविधाएं दे रहा है, ताकि सौदे आकर्षक बने रहें।
अमेरिकी रक्षा विभाग का मानना है कि चीन का यह मॉडल न केवल वैश्विक हथियार बाजार में उसकी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है, बल्कि एशिया और अफ्रीका में उसकी रणनीतिक पहुंच को भी तेजी से विस्तार दे रहा है।

Samvad 24 Office
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