नाइजीरिया में ISIS पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक : ईसाइयों पर हमलों के बाद ट्रंप का सख्त एक्शन
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संवाद 24 डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उत्तर-पश्चिम नाइजीरिया में आतंकी संगठन Islamic State (ISIS) के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। ट्रंप ने कहा कि यह हमला उनके सीधे आदेश पर किया गया और इसका मकसद नाइजीरिया में ईसाई समुदाय पर हो रहे लगातार हमलों का जवाब देना है।
ट्रंप का दावा: सेना ने किए सटीक हमले
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि अमेरिकी सेना ने नॉर्थवेस्ट नाइजीरिया में ISIS आतंकियों के खिलाफ “शक्तिशाली और निर्णायक” हमले किए हैं। उनके अनुसार, यह कार्रवाई उन आतंकियों के खिलाफ की गई जो लंबे समय से निर्दोष ईसाइयों को निशाना बना रहे थे।
ट्रंप ने पोस्ट में कहा,
“कमांडर इन चीफ के तौर पर मेरे निर्देश पर अमेरिका ने नाइजीरिया में ISIS के आतंकियों पर हमला किया। अगर ईसाइयों के खिलाफ हिंसा नहीं रुकी, तो ऐसे हमले आगे भी जारी रहेंगे।”
हमले की विस्तृत जानकारी नहीं
हालांकि ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि हमला किस तरह किया गया—एयरस्ट्राइक, ड्रोन या किसी अन्य माध्यम से। न ही हताहतों या ठिकानों को हुए नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने आया है। White House या पेंटागन की ओर से भी अब तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं हुआ है।
नाइजीरिया को लेकर पहले से आक्रामक रुख
डोनाल्ड ट्रंप बीते कुछ हफ्तों से नाइजीरिया में ईसाई समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर लगातार सख्त बयान देते रहे हैं। उन्होंने पहले ही Pentagon को नाइजीरिया में हालात की समीक्षा कर संभावित सैन्य विकल्पों पर काम करने के निर्देश देने की बात कही थी।
वीजा प्रतिबंध और धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा
अमेरिकी विदेश विभाग ने भी हाल में नाइजीरिया में ईसाइयों के खिलाफ हिंसा में शामिल लोगों और उनके परिजनों पर वीजा प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था। इसके साथ ही अमेरिका ने इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम एक्ट के तहत Nigeria को “खास चिंता वाला देश” घोषित किया है।
अफ्रीका में आतंकवाद पर सख्त संदेश
विशेषज्ञों के मुताबिक, नाइजीरिया में ISIS के खिलाफ यह कार्रवाई अफ्रीका में सक्रिय आतंकी संगठनों के लिए एक सख्त संदेश मानी जा रही है। ट्रंप प्रशासन का संकेत साफ है कि धार्मिक आधार पर होने वाली हिंसा को वह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा मानकर सीधे सैन्य कार्रवाई तक जाने से नहीं हिचकेगा।
नाइजीरिया में हुए इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाओं पर नजर टिकी हुई है, खासकर इस बात पर कि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और अमेरिका–अफ्रीका संबंधों पर क्या असर पड़ता है।






