मध्य पूर्व में महायुद्ध की आहट: हिजबुल्लाह के 10 ठिकानों पर इजरायल की भीषण बमबारी

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संवाद 24 नई दिल्ली। मध्य पूर्व की धरती एक बार फिर बारूद के ढेर पर खड़ी नजर आ रही है। पिछले 24 घंटों में हुए भीषण सैन्य घटनाक्रमों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इजरायली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के 10 रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। वहीं दूसरी ओर, सऊदी अरब के महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र ‘शायबाह’ (Shaybah) पर हुए एक बड़े ड्रोन हमले को नाकाम कर दिया गया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है।

बेरूत में इजरायल का ‘ऑपरेशन डेथ ब्लो’
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उन्होंने बेरूत के घनी आबादी वाले इलाकों के नीचे बने हिजबुल्लाह के हथियार डिपो, कमांड सेंटरों और खुफिया ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके इतने जोरदार थे कि पूरा बेरूत शहर थर्रा उठा। इजरायल का दावा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल इजरायली नागरिकों पर हमला करने की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था। लेबनानी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और कई लोगों के हताहत होने की आशंका है।

सऊदी अरब के तेल क्षेत्र पर ड्रोन का साया
इसी बीच, सऊदी अरब से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात की सीमा के पास स्थित सऊदी अरब के प्रमुख ‘शायबाह’ तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर कई ड्रोन भेजे गए थे। हालांकि, सऊदी एयर डिफेंस और अमेरिकी खुफिया तंत्र की मुस्तैदी ने इन ड्रोन्स को बीच हवा में ही मार गिराया। अगर यह हमला सफल हो जाता, तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता था। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई यमन के हूती विद्रोहियों और उनके समर्थकों की ओर घूम रही है।

अमेरिका की सक्रियता और परमाणु तनाव
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका ने कड़ी नजर बना रखी है। पेंटागन के सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत इस समय रेड सी और फारस की खाड़ी में हाई अलर्ट पर हैं। इजरायल और सऊदी अरब के साथ अमेरिका का बढ़ता सैन्य समन्वय यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में मध्य पूर्व में कोई बड़ा सैन्य ऑपरेशन छिड़ सकता है। उधर, ईरान ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्र में ‘आग से खेलने’ जैसा बताया है।

दुनिया पर पड़ेगा असर
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच यह तनाव एक पूर्ण युद्ध में बदलता है, तो इसमें लेबनान, सीरिया और ईरान का सीधा जुड़ाव तय है। भारत जैसे देशों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि मध्य पूर्व में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं और भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी इसी क्षेत्र पर टिकी है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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