खाड़ी में महायुद्ध का शंखनाद: ‘हमने जंग शुरू नहीं की, पर खत्म हम ही करेंगे’- ईरान को अमेरिकी रक्षा मंत्री की चेतावनी

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संवाद 24 नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर आ गया है जहां से वापसी की राह नजर नहीं आ रही है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को सीधी और बेहद सख्त चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि अमेरिका अब इस संघर्ष को निर्णायक अंजाम तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत की गई हालिया एयरस्ट्राइक के बाद हेगसेथ ने हुंकार भरते हुए कहा, “हमने यह युद्ध शुरू नहीं किया था, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में हम इसे खत्म जरूर करेंगे।”

ईरान के सैन्य ढांचे को नेस्तनाबूद करने की कसम
पेंटागन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का लक्ष्य अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि पूरी तरह से विनाशकारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना का मिशन बिल्कुल स्पष्ट है – ईरान की मिसाइल क्षमता को खत्म करना, उसकी नौसेना को तबाह करना और यह सुनिश्चित करना कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “यदि आप दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को मारेंगे या उन्हें धमकी देंगे, जैसा कि ईरान ने किया है, तो हम आपका पीछा करेंगे और आपको खत्म कर देंगे।”

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और ट्रंप का कड़ा रुख
रक्षा मंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू किया गया ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ इतिहास का सबसे घातक और सटीक हवाई अभियान है। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पैदा हुए हालातों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह “शासन परिवर्तन” (Regime Change) का युद्ध नहीं था, लेकिन शासन अब बदल चुका है और दुनिया इसके बाद एक सुरक्षित जगह बनेगी। हेगसेथ ने पिछली सरकारों की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब कोई “लोकतंत्र बनाने” या “राजनीतिक रूप से सही युद्ध” का समय नहीं है, अब केवल जीतने का समय है।

इराक जैसी लंबी जंग नहीं, बल्कि निर्णायक प्रहार
दुनिया भर में बढ़ती चिंताओं के बीच कि यह संघर्ष एक अंतहीन युद्ध का रूप ले सकता है, हेगसेथ ने आश्वस्त किया कि यह इराक युद्ध जैसा नहीं होगा। उन्होंने कहा, “यह अंतहीन नहीं है। हम जीतने के लिए लड़ते हैं और हम समय या जीवन बर्बाद नहीं करते।” हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष में अब तक चार अमेरिकी सैनिक शहीद हो चुके हैं और आने वाले समय में नुकसान और बढ़ सकता है, लेकिन अमेरिका पीछे नहीं हटेगा।

क्षेत्रीय अस्थिरता और वैश्विक संकट
इस सैन्य टकराव का असर अब पूरे मध्य पूर्व पर दिखने लगा है। ईरान समर्थित गुटों ने इजरायल और अरब देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। वहीं, तेल की कीमतों में उछाल और कतर जैसे देशों द्वारा गैस उत्पादन रोकने के फैसलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी संकट में डाल दिया है। कुवैत द्वारा गलती से तीन अमेरिकी विमानों को मार गिराए जाने की घटना ने युद्ध क्षेत्र की जटिलता को और बढ़ा दिया है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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