ट्रंप का बड़ा फैसला: 2 साल के लिए बंद होगा दुनिया का मशहूर ‘केनेडी सेंटर’, राष्ट्रपति का ‘ग्रैंड प्लान’
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संवाद 24 नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चौंकाने वाले फैसलों से दुनिया को हैरान कर दिया है। वाशिंगटन स्थित कला और संस्कृति का सबसे बड़ा केंद्र, ‘जॉन एफ. केनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स’ अब अगले दो सालों के लिए पूरी तरह बंद होने जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस बड़े फैसले की घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 4 जुलाई से इस ऐतिहासिक इमारत को नवीनीकरण और पुनर्गठन के लिए सील कर दिया जाएगा।
क्यों लिया गया यह अचानक फैसला?
राष्ट्रपति ट्रंप, जो स्वयं इस सेंटर के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के अध्यक्ष भी हैं, ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह इमारत वर्तमान में “खस्ताहाल और जर्जर” स्थिति में है। उन्होंने लिखा, “कई सम्मानित विशेषज्ञों की सलाह के बाद मैंने यह निर्धारित किया है कि इस केंद्र को सफलता, सुंदरता और भव्यता के उच्चतम स्तर तक ले जाने का सबसे तेज़ तरीका इसके मनोरंजन संचालन को करीब दो वर्षों के लिए बंद करना है।” ट्रंप का दावा है कि वर्तमान ढांचा वित्तीय और संरचनात्मक रूप से कमजोर हो चुका है और इसे ‘वर्ल्ड क्लास’ बनाने के लिए पूरी तरह से नया रूप देना जरूरी है।
विवादों के साये में ‘ट्रंप-केनेडी सेंटर’
केनेडी सेंटर को लेकर विवाद पिछले साल से ही गहराया हुआ है, जब ट्रंप ने बोर्ड के पुराने सदस्यों को हटाकर अपने करीबियों को नियुक्त किया था। इसके बाद बोर्ड ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इस केंद्र का नाम बदलकर ‘ट्रंप-केनेडी सेंटर’ कर दिया और इमारत के बाहर ट्रंप का नाम भी जोड़ दिया गया। इस कदम का डेमोक्रेटिक पार्टी और केनेडी परिवार ने कड़ा विरोध किया है, क्योंकि उनका तर्क है कि संसद द्वारा स्थापित इस स्मारक का नाम बिना विधायी प्रक्रिया के नहीं बदला जा सकता।
कलाकारों और शो का ‘बहिष्कार’
इस नवीनीकरण के आदेश से पहले ही सेंटर को बड़े झटकों का सामना करना पड़ा है। ट्रंप के कार्यभार संभालने के बाद से ही कई दिग्गज कलाकारों और शो ने वहां प्रदर्शन करने से मना कर दिया है। मशहूर म्यूजिकल ‘हैमिल्टन’, ओपेरा स्टार रेनी फ्लेमिंग और प्रसिद्ध संगीतकार फिलिप ग्लास जैसे नामों ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। हाल ही में ‘वाशिंगटन नेशनल ओपेरा’ ने भी इस सेंटर को छोड़ने का ऐलान किया है। जानकारों का मानना है कि कलाकारों का यह विरोध राष्ट्रपति की नीतियों और केंद्र के नाम परिवर्तन को लेकर है।
क्या होगा आगे?
व्हाइट हाउस के अनुसार, इस दो साल के बंद के दौरान सेंटर का कायाकल्प किया जाएगा ताकि यह दुनिया का सबसे बेहतरीन कला संस्थान बन सके। ट्रंप ने वादा किया है कि इसका ‘ग्रैंड री-ओपनिंग’ समारोह इतना भव्य होगा कि दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा। हालांकि, जुलाई 4 से होने वाली इस तालाबंदी ने हजारों कर्मचारियों और कला प्रेमियों के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। अब देखना यह है कि दो साल बाद जब इसके दरवाजे खुलेंगे, तो यह ‘नया’ केनेडी सेंटर कला की दुनिया में अपनी खोई हुई साख वापस पा सकेगा या नहीं।






