क्या ईरान संकट भारत के लिए बना नया ‘घर वापसी मिशन’? जानें तत्काल तैयारी के बारे में
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संवाद 24 नई दिल्ली। भारत सरकार ने ईरान में जारी ख़तरनाक राजनीतिक अस्थिरता के बीच वहाँ फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की तैयारियाँ तेज़ करने का फैसला किया है। हाल के दिनों में ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, हिंसा और सुरक्षा जोखिमों के कारण भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह जारी की है, साथ ही निकासी की रूपरेखा पर काम शुरू कर दिया है।
अस्थिरता बढ़ी, लाखों भारतीयों की चिंता
ईरान के कई इलाकों में प्रतीत होता है कि विरोध प्रदर्शन हिंसक मोड़ ले रहे हैं। इस वजह से छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों तथा अन्य भारतीय नागरिकों के लिए वहाँ रहना चुनौतीपूर्ण हो गया है। विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीयों से अनुरोध किया है कि वे उपलब्ध किसी भी परिवहन साधन का उपयोग कर तुरंत ईरान छोड़ दें और उन क्षेत्रों से बचें जहाँ कोई भी तरह की भीड़ या संघर्ष हो रहा है। यद्यपि ईरान का हवाई मार्ग पूर्ण रूप से बंद नहीं हुआ है, विमान सेवाओं में संभावित व्यवधान और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए भारत सरकार ने नागरिकों को अब सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
निकासी की प्रक्रिया — तैयारियाँ और कदम
भारत ने ईरान में लगभग 10,000 अपने नागरिकों के संभावित निकास की योजना बनाई है। भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों से अनुरोध किया है कि वे दूतावास में अपना पंजीकरण कराएँ ताकि सहायता और जानकारी समय पर दी जा सके।
निकासी की योजना में शामिल मुख्य बिंदु हैं:
भारत सरकार द्वारा नागरिकों को सलाह देना कि वे हवाई मार्ग और उपलब्ध रास्तों का उपयोग करें।
पहले समूह को सुरक्षित निकाले जाने की तैयारियाँ — संभावित उड़ानों को निर्धारित करना। भारतीय दूतावास द्वारा हेल्पलाइन नंबर और सहायता संपर्क जारी करना ताकि फंसे लोगों को तत्काल मार्गदर्शन मिल सके। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि भारतीय नागरिकों को अपने पासपोर्ट, पहचान दस्तावेज, और यात्रा कागजात सुरक्षित रखकर रखें, और अगर संभव हो तो बड़े संगठित समूहों में यात्रा करें जिससे सुरक्षा सुनिश्चित रहे।
सुरक्षा पूर्व चेतावनियाँ
MEA के दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि जहाँ तक संभव हो, ईरान में विरोध प्रदर्शनों वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें। साथ ही, भारतीय दूतावास द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर भी सहायता के लिए उपलब्ध हैं ताकि कोई भी नागरिक आपातकालीन स्थिति में मदद मांग सके। भारत की यह तैयारियाँ किसी मानवीय और सुरक्षा-उन्मुख कार्रवाई का संकेत हैं। सरकार अपनी प्राथमिकता भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को मानते हुए इस मिशन को जल्दी और सुव्यवस्थित रूप से अंजाम देना चाहती है।






