ईरान को अलग-थलग करने की नई रणनीति: ट्रंप ने घोषित किया 25% टैरिफ
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संवाद 24 दिल्ली।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार को हिलाकर रख देने वाला एक बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे तुरंत प्रभाव से अमेरिका के साथ किसी भी व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) देना होगा। यह घोषणा उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म Truth Social पर की, जिसे उन्होंने “final and conclusive” — यानी अंतिम और अपरिवर्तनीय — बताया है।
यह फैसला क्यों आया?
डोनाल्ड ट्रंप ने यह क़दम उठाया है जब ईरान में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन और हिंसा बढ़ रही है। इन प्रदर्शनों के कारण दोनों देशों — ईरान और अमेरिका — के बीच तनाव बेहद तेज़ी से बढ़ा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान सरकार ने अपनी जनता के खिलाफ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन किए हैं, और ऐसे में उन देशों पर आर्थिक दबाव लगाना आवश्यक है जो ईरान के साथ व्यापार जारी रखते हैं।
किस तरह के देश प्रभावित होंगे?
ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में चीन, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, इराक जैसे देशों के नाम शामिल हैं, जिनका ईरान के साथ व्यापार काफी बड़ा है। यदि ये देश ईरान के साथ व्यापार करते हैं, तो उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार पर 25% अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जो इस क़दम को वैश्विक आर्थिक तनाव पैदा करने वाला बनाता है।
व्हाइट हाउस का रुख क्या है?
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका पहले कूटनीति को प्राथमिकता देगा, लेकिन वह “सभी विकल्पों को खुले तौर पर रखता है” और सैन्य कार्रवाई को भी एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे बयान वैश्विक समुदाय में चिंता का विषय बने हैं क्योंकि इससे राजनीतिक तनाव की स्थिति और अधिक गहरी हो सकती है।
वैश्विक व्यापार पर संभावित प्रभाव
यह टैरिफ वैश्विक व्यापार पर भारी प्रभाव डाल सकता है क्योंकि कई महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाएँ ईरान के साथ ऊर्जा और वस्तुओं के व्यापार में जुड़ी हैं। चीन और भारत जैसे बड़े देश भी ईरान के प्रमुख व्यापारिक भागीदार रहे हैं, और यदि नए टैरिफ लागू होते हैं, तो उनके लिए आर्थिक प्रभाव अनदेखा नहीं होगा। इससे तेल, प्राकृतिक गैस और अन्य ऊर्जा वस्तुओं के दामों में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं, जो पहले से ही पेट्रोलियम बाजारों पर निर्भर देशों को प्रभावित करेगा।
भारत और ईरान के बीच व्यापार की तस्वीर
भारत ईरान के साथ लगातार व्यापार कर रहा है — इसमें उर्वरक, ऊर्जा पदार्थ, कृषि वस्तुएँ आदि शामिल हैं। ट्रंप के नए टैरिफ के परिणामस्वरूप भारत को भी व्यापार की रणनीतियों में फेरबदल करना पड़ सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार पर असर पड़ेगा।
बाज़ार के विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह टैरिफ नीति न सिर्फ राजनीतिक संदेश है, बल्कि व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर एक शक्तिशाली हथियार भी है। हालांकि, उनकी चिंता यह भी है कि इससे वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला और अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ सकती है।
ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि ईरान सरकार अपने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा रोकती नहीं है, तो और कठोर आर्थिक या सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे संकेत वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक वातावरण को अत्यधिक जटिल बना रहे हैं।






