मकरासन: गहरी शांति और मजबूत रीढ़ की ओर ले जाने वाला सरल योगासन
Share your love

संवाद 24 डेस्क। योग केवल शरीर को लचीला बनाने का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की एक प्राचीन विधा है। योग के अनेक आसनों में से मकरासन (Crocodile Pose) एक ऐसा विश्रामदायक आसन है जो देखने में अत्यंत सरल लगता है, लेकिन इसके लाभ अत्यंत गहरे और प्रभावशाली हैं।
“मकर” का अर्थ होता है मगरमच्छ। इस आसन में शरीर की मुद्रा मगरमच्छ की तरह आरामदायक और स्थिर दिखाई देती है, इसलिए इसे मकरासन कहा जाता है। यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है जो तनाव, पीठ दर्द, थकान या मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं।
यह लेख मकरासन की पूरी जानकारी देता है—इसके अभ्यास की सही विधि, लाभ, वैज्ञानिक आधार, और इससे जुड़ी आवश्यक सावधानियां।
मकरासन क्या है?
मकरासन एक आराम देने वाला (Relaxation Pose) योगासन है, जिसे अक्सर कठिन आसनों के बीच शरीर को आराम देने के लिए किया जाता है। यह आसन विशेष रूप से रीढ़ (Spine) और श्वसन तंत्र को शांत करता है।
यह आसन प्राणायाम और ध्यान से पहले भी किया जा सकता है क्योंकि यह शरीर को स्थिर और मन को शांत बनाता है।
मकरासन का महत्व
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को बैठकर काम करने की आदत हो गई है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने से:
• कमर दर्द
• गर्दन में अकड़न
• तनाव
• खराब मुद्रा (Posture)
जैसी समस्याएं आम हो गई हैं
मकरासन इन सभी समस्याओं को कम करने में मदद करता है क्योंकि यह रीढ़ को प्राकृतिक स्थिति में लाकर मांसपेशियों को आराम देता है।
मकरासन करने की सही विधि
मकरासन को सही तरीके से करना बेहद जरूरी है ताकि आपको इसके पूरे लाभ मिल सकें।
🔹 चरण 1: पेट के बल लेटें
एक योगा मैट बिछाएं और पेट के बल सीधे लेट जाएं। पैरों को हल्का सा अलग रखें ताकि एड़ियां बाहर की ओर रहें।
🔹 चरण 2: हाथों की स्थिति
दोनों हाथों को सामने लाकर कोहनियों को मोड़ें। अब एक हाथ को दूसरे हाथ पर रखें।
🔹 चरण 3: सिर को टिकाएं
अपने माथे या ठोड़ी को हाथों पर आराम से टिकाएं। यदि आरामदायक लगे तो हथेलियों से गालों को सहारा भी दे सकते हैं।
🔹 चरण 4: शरीर को ढीला छोड़ें
पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। आंखें बंद कर लें और सांसों पर ध्यान केंद्रित करें।
🔹 चरण 5: गहरी सांस लें
नाक से धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें। महसूस करें कि सांस लेते समय पेट जमीन से हल्का ऊपर उठ रहा है।
🔹 चरण 6: 3–5 मिनट तक रुकें
शुरुआत में 2–3 मिनट करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाकर 5–10 मिनट तक ले जाएं।
मकरासन करते समय श्वास का महत्व
इस आसन में डायाफ्रामिक ब्रीदिंग (Diaphragmatic Breathing) स्वतः होने लगती है, जिससे:
• फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है
• ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है
• तनाव हार्मोन कम होते हैं
धीमी और गहरी सांसें मन को ध्यान की अवस्था में ले जाती हैं।
⭐ मकरासन के अद्भुत लाभ
✅ 1. कमर दर्द में राहत
यह आसन रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम करता है और निचली कमर की मांसपेशियों को आराम देता है। इसलिए यह स्लिप डिस्क और साइटिका के मरीजों के लिए भी सहायक माना जाता है (डॉक्टर की सलाह के साथ)।
✅ 2. तनाव और चिंता को कम करता है
मकरासन पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जिससे शरीर रिलैक्स मोड में चला जाता है।
परिणाम:
• दिल की धड़कन सामान्य
• मानसिक शांति
• बेहतर मूड
✅ 3. फेफड़ों को मजबूत बनाता है
पेट के बल लेटने से सांस लेने का पैटर्न बदलता है और फेफड़े अधिक सक्रिय होते हैं।
यह विशेष रूप से उपयोगी है:
• अस्थमा के शुरुआती मरीजों के लिए
• सांस फूलने की समस्या में
✅ 4. खराब पोस्चर को सुधारता है
लगातार मोबाइल या लैपटॉप के उपयोग से शरीर आगे झुकने लगता है। मकरासन रीढ़ को प्राकृतिक स्थिति में लाता है।
✅ 5. उच्च रक्तचाप में सहायक
यह आसन शरीर को गहराई से शांत करता है, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
✅ 6. अनिद्रा (Insomnia) में लाभकारी
यदि आपको नींद नहीं आती, तो सोने से पहले 5 मिनट मकरासन करने से मन शांत होता है।
✅ 7. मांसपेशियों की थकान दूर करता है
यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए अच्छा है जो:
• जिम करते हैं
• ज्यादा चलते हैं
• शारीरिक काम करते हैं
✅ 8. पाचन तंत्र को सक्रिय करता है
पेट जमीन से हल्का दबता है, जिससे पाचन अंगों में रक्त प्रवाह बढ़ता है।
✅ 9. गर्भावस्था से पहले शरीर को तैयार करता है
महिलाओं के लिए यह आसन पेट और कमर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है (लेकिन गर्भावस्था में इसे नहीं करना चाहिए)।
✅ 10. ध्यान के लिए मन तैयार करता है
मकरासन मन की चंचलता को कम करता है, जिससे ध्यान लगाना आसान हो जाता है।
🔬 मकरासन का वैज्ञानिक दृष्टिकोण
जब हम पेट के बल लेटते हैं, तो शरीर प्रोप्रियोसेप्टिव फीडबैक प्राप्त करता है, जिससे मांसपेशियां स्वतः रिलैक्स होने लगती हैं।
इसके अलावा:
• Cortisol (stress hormone) कम होता है
• Vagus nerve सक्रिय होती है
• Nervous system शांत होता है
इसलिए इसे “Natural Stress Therapy Pose” भी कहा जाता है।
⏳ मकरासन करने का सही समय
सबसे अच्छा समय:
✅ सुबह खाली पेट
✅ योग अभ्यास के बाद
✅ रात को सोने से पहले
भोजन के तुरंत बाद न करें।
👨💻 किन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी?
मकरासन खासतौर पर इन लोगों को करना चाहिए:
• ऑफिस में लंबे समय तक बैठने वाले
• स्टूडेंट्स
• बुजुर्ग
• पीठ दर्द से परेशान लोग
• तनावग्रस्त व्यक्ति
मकरासन करते समय होने वाली सामान्य गलतियां
• शरीर को टाइट रखना
• सांस रोकना
• पैरों को बहुत पास रखना
• गर्दन पर दबाव डालना
याद रखें—यह रिलैक्सेशन आसन है, इसमें जोर नहीं लगाना है।
मकरासन से जुड़ी सावधानियां
मकरासन आसान जरूर है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसे सावधानी से करना चाहिए।
इन परिस्थितियों में न करें:
• हाल ही में पेट की सर्जरी हुई हो
• गंभीर स्लिप डिस्क
• गर्भावस्था
• हर्निया
• अत्यधिक मोटापा जिससे पेट के बल लेटना कठिन हो
✔️ सुरक्षित अभ्यास के टिप्स:
• हमेशा योगा मैट पर करें
• दर्द होने पर तुरंत रुकें
• शुरुआत में कम समय करें
• यदि पुराना दर्द है तो विशेषज्ञ से पूछें
शुरुआती लोगों के लिए आसान टिप्स
• आंखें बंद रखें
• धीमी सांस लें
• मन को भटकने न दें
• बैकग्राउंड में हल्का संगीत रख सकते हैं
मकरासन को अपनी दिनचर्या में कैसे शामिल करें?
5 मिनट का रूटीन:
1 मिनट – शरीर को ढीला छोड़ें
2 मिनट – गहरी सांस
2 मिनट – मानसिक विश्राम
आप चाहें तो इसे भुजंगासन के बाद कर सकते हैं।
मकरासन यह साबित करता है कि योग में हमेशा कठिन आसन ही जरूरी नहीं होते। कभी-कभी सबसे सरल दिखने वाले आसन ही शरीर को सबसे गहरा आराम देते हैं।
यदि आप रोजाना केवल 5–10 मिनट मकरासन करते हैं, तो धीरे-धीरे आप महसूस करेंगे:
• तनाव कम हो रहा है
• कमर हल्की लग रही है
• सांस गहरी हो रही है
• मन शांत है
यह आसन आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न समस्याओं के लिए एक प्राकृतिक और प्रभावी समाधान है।
याद रखें — “आराम भी एक अभ्यास है।”
मकरासन हमें सिखाता है कि रुकना, सांस लेना और खुद को ढीला छोड़ना भी स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






