LT ग्रेड रिजल्ट में बड़ा खुलासा: सभी पास हुए तो भी 1024 पद क्यों रह जाएंगे खाली?
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संवाद 24 डेस्क। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक / प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती 2025 के लिए प्रारंभिक (Prelims) परीक्षा परिणाम बुधवार सुबह घोषित कर दिया है। यह परीक्षा राज्य के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक के रूप में नियुक्ति पाने की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण अवसर थी, जिसमें विज्ञान, गृह विज्ञान, संस्कृत तथा वाणिज्य विषयों के लिए उम्मीदवारों ने भाग लिया।
हालांकि परिणाम के आंकड़ों से स्पष्ट हुआ है कि कुल उपलब्ध रिक्तियों के मुकाबले योग्य उम्मीदवारों की संख्या पर्याप्त नहीं है। खासकर विज्ञान विषय में परिणाम अत्यंत चिंताजनक रहा, जिससे यह संभावना स्पष्ट होती है कि मुख्य परीक्षा में सभी उम्मीदवारों के सफल होने के बाद भी 1024 पद रिक्त रह सकते हैं।
यह परिणाम न केवल लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यूपी सरकार, आयोग और शिक्षा नीति निर्माताओं के लिए भी एक चेतावनी के रूप में सामने आता है।
UPPSC LT ग्रेड भर्ती 2025 — परीक्षा की रूपरेखा
UPPSC ने वर्ष 2025 के लिए एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया था, जिसके अंतर्गत राज्य के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों की भर्ती की जानी है।
. कुल रिक्त पद: 7,466 (लगभग) . पद की श्रेणियाँ:
सहायक अध्यापक (पुरुष शाखा)
सहायक अध्यापिका (महिला शाखा)
दिव्यांगजन शाखा के अंतर्गत विशिष्ट श्रेणियाँ
. परीक्षा का ढांचा:
प्रारंभिक (Prelims) परीक्षा — चयन का प्रथम चरण
मुख्य (Mains) परीक्षा — अंतिम चरण
. परीक्षा तिथि: प्रारंभिक परीक्षा दिसंबर 2025 तथा जनवरी 2026 के दौरान विभिन्न विषयों के लिए आयोजित की गई थी।
. प्रवेश तथा परिणाम: परीक्षा के लिए लाखों अभ्यर्थियों ने पंजीकरण किया, लेकिन उपस्थित उम्मीदवारों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
प्री परीक्षा परिणाम: विषयवार स्थिति
UPPSC ने जिन चार विषयों का परिणाम घोषित किया है उनमें से सबसे गंभीर स्थिति विज्ञान विषय में देखी गई है। नीचे विस्तृत विषयवार आँकड़े दिए जा रहे हैं:
. विज्ञान विषय (Science)
पद: 1,353 (पुरुष + महिला + दिव्यांगजन सहित)
पंजीकृत उम्मीदवार: 1,02,953
उपस्थित उम्मीदवार: 49,538
प्री का परिणाम: केवल 329 उम्मीदवार सफल ➡️ संभव रिक्त पद: 1,024 अगर सभी सफल उम्मीदवार भी मुख्य परीक्षा पास कर लें तब भी रिक्त रह जाएंगे।
. गृह विज्ञान (Home Science)
पद: 369
पंजीकृत उम्मीदवार: 89,223
उपस्थित: 55,475
मुख्य परीक्षा योग्य: 2,784 अभ्यर्थी।
. वाणिज्य (Commerce)
पद: 58
पंजीकृत: 66,165
उपस्थित: 30,619
मुख्य परीक्षा योग्य: 887 अभ्यर्थी।
. संस्कृत (Sanskrit)
पद: 188
पंजीकृत: 40,402
उपस्थित: 26,273
मुख्य परीक्षा योग्य: 2,772 अभ्यर्थी।
विस्तार में देखें तो विज्ञान विषय में इतनी कम पात्रता होने की वजह यह हुई कि अपेक्षित 15 गुणा अधिक उम्मीदवार उपलब्ध नहीं हो सके, जो UPPSC की न्यूनतम पात्रता नीति के अनुरूप मुख्य परीक्षा में जाना तय करते हैं।
परिणाम से जुड़ी मुख्य चुनौतियाँ
. कम योग्य उम्मीदवारों का होना
साल 2025 के LT ग्रेड प्री में विज्ञान, गृह विज्ञान, संस्कृत और वाणिज्य सहित अन्य विषयों में अपेक्षित 15 गुणा उम्मीदवारों की उपलब्धता नहीं हो पाई, जिससे रिक्त पदों की संख्या बढ़ गई।
. शैक्षणिक तैयारी में कमी
विशेषकर विज्ञान विषय में यह देखा गया कि अधिकांश उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा में न्यूनतम आवश्यक अंकों तक पहुँचना कठिन रहा।
. मुख्य परीक्षा के संभावित प्रभाव
हालांकि मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन प्री के अनुसार यह साफ है कि मुख्य परीक्षा में पास होने पर भी तकरीबन 1024 पद खाली रह सकते हैं, जो आगे चयन प्रक्रिया को प्रभावित करेगा।
भविष्य की चुनौतियाँ और उपाय
. परीक्षा नीति में गहन समीक्षा
UPPSC एवं शिक्षा विभाग को आवश्यकता है कि वे भर्ती प्रक्रिया एवं पात्रता मानकों पर पुनर्विचार करें, जिससे ऐसे परिणाम न सामने आएं जहाँ पद खाली रह जाएं।
. तैयारी एवं मार्गदर्शन पर ध्यान
विशेषकर विज्ञान, वाणिज्य और गृह विज्ञान जैसे विषयों के उम्मीदवारों के लिए सख्त तैयारी और कोचिंग संसाधनों की कमी स्पष्ट है। इसका प्रभाव परीक्षा परिणाम पर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है।
. दीर्घकालिक रणनीति
सरकार को चाहिए कि वे टीचिंग फेलोशिप, कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम और मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग की व्यवस्था करें जिससे योग्य उम्मीदवारों की संख्या बढ़ सके।
शिक्षण क्षेत्र में सरकारी नौकरियों का महत्व
सरकारी शिक्षक की नौकरी भारतीय सामाजिक ढांचे में अत्यधिक प्रतिष्ठित पाई जाती है। स्थिर आय, सेवा सुरक्षा और सामाजिक सम्मान इसके मुख्य कारण हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सरकारी शिक्षक की नियुक्ति लाखों युवाओं की आकांक्षा होती है, इसलिए इस भर्ती परिणाम की परिणति सामाजिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है।
उम्मीदवारों के लिए सुझाव
परीक्षा पैटर्न व सिलेबस का समय-निष्ठ अनुसरण करें, टॉपकीय तैयारी के लिए अधिक अभ्यास तथा ग्रुप स्टडी की भूमिका, पूर्व बोर्ड प्रश्नपत्रों व मॉडल टेस्ट सीरीज़ का उपयोग, कमज़ोर विषयों पर विशेष ध्यान एवं विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेना
UPPSC द्वारा घोषित एलटी ग्रेड प्रारंभिक परीक्षा परिणाम ने एक बार फिर प्रमाणित कर दिया है कि शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया में केवल परीक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गहन तैयारी, मजबूत शैक्षणिक आधारभूत क्षमता और श्रेष्ठ रणनीति होना भी उतना ही आवश्यक है।
विशेषकर विज्ञान विषय जैसे महत्वपूर्ण शाखा में बड़ी संख्या में पद खाली रहना यह दर्शाता है कि भारतीय राज्य सरकारों को शिक्षक तैयारी की गुणवत्ता एवं शैक्षणिक आधार को सुधारने की दिशा में व्यापक और दूरगामी कदम उठाने होंगे। इससे न केवल भर्ती प्रक्रिया में प्रतियोगिता बढ़ेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।





