बैंक नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवार सावधान! PSU बैंकों में भर्ती के लिए अब जरूरी हो गई अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री

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संवाद 24 डेस्क। सरकारी बैंक में नौकरी भारत के लाखों युवाओं का सपना होता है। हर साल IBPS, SBI और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU Banks) की भर्ती परीक्षाओं में लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं। अब तक माना जाता था कि बैंक नौकरी पाने के लिए शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा में सफलता और इंटरव्यू ही मुख्य शर्तें हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भर्ती प्रक्रिया में एक नया मानदंड तेजी से महत्वपूर्ण हुआ है

उम्मीदवार की क्रेडिट हिस्ट्री और CIBIL स्कोर।
हाल के भर्ती नोटिफिकेशन और बैंकिंग भर्ती एजेंसियों के दिशा-निर्देश बताते हैं कि अब बैंक यह भी देख रहे हैं कि उम्मीदवार ने अपने व्यक्तिगत वित्त का प्रबंधन कैसे किया है। यदि किसी अभ्यर्थी का कर्ज रिकॉर्ड खराब है या उसने लोन/क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर नहीं किया है, तो नौकरी मिलने के बाद भी उसकी नियुक्ति रद्द हो सकती है।
यह बदलाव केवल तकनीकी नियम नहीं है, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ बड़ा निर्णय माना जा रहा है।

क्या है CIBIL स्कोर और क्यों हो गया इतना महत्वपूर्ण
CIBIL स्कोर एक तीन अंकों का अंक होता है, जो किसी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर तय होता है। यह स्कोर बताता है कि व्यक्ति ने पहले लिए गए लोन, क्रेडिट कार्ड या अन्य वित्तीय दायित्वों को समय पर चुकाया या नहीं।
आमतौर पर 300 से 900 के बीच स्कोर होता है और 650 या उससे अधिक स्कोर को सुरक्षित माना जाता है। कई बैंक भर्ती नोटिफिकेशन में साफ लिखा गया है कि उम्मीदवार को जॉइनिंग के समय स्वस्थ क्रेडिट हिस्ट्री बनाए रखना जरूरी है। बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को रोजाना लाखों-करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़ा काम करना होता है, इसलिए बैंक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कर्मचारी वित्तीय रूप से जिम्मेदार हो।

भर्ती नोटिफिकेशन में क्या लिखा होता है
कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के भर्ती विज्ञापनों में स्पष्ट लिखा गया है कि उम्मीदवार को स्वस्थ क्रेडिट हिस्ट्री बनाए रखना होगा
जॉइनिंग के समय CIBIL रिपोर्ट मांगी जा सकती है
यदि रिपोर्ट में डिफॉल्ट दिखता है तो नियुक्ति रद्द हो सकती है
जरूरत पड़ने पर बैंक NOC भी मांग सकता है
कुछ नोटिफिकेशन में यह भी लिखा गया है कि यदि CIBIL रिपोर्ट अपडेट नहीं है, तो उम्मीदवार को संबंधित बैंक या संस्था से प्रमाण देना होगा कि कोई बकाया नहीं है, अन्यथा ऑफर लेटर वापस लिया जा सकता है। इससे स्पष्ट है कि यह नियम केवल औपचारिकता नहीं बल्कि वास्तविक चयन प्रक्रिया का हिस्सा है।

पहले 650 स्कोर अनिवार्य, अब नियम थोड़ा लचीला
कुछ साल पहले IBPS भर्ती में 650 का न्यूनतम स्कोर जरूरी बताया गया था। हालांकि बाद में सरकार ने स्पष्ट किया कि आवेदन के समय स्कोर जरूरी नहीं है, लेकिन जॉइनिंग के समय स्वस्थ क्रेडिट हिस्ट्री होना चाहिए। इसका मतलब है
खराब स्कोर वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं
लेकिन नौकरी जॉइन करने से पहले रिकॉर्ड ठीक होना चाहिए
यह बदलाव युवाओं को राहत देता है, लेकिन जिम्मेदारी भी बढ़ाता है।

बैंक ऐसा नियम क्यों लागू कर रहे हैं
बैंकों के अनुसार, खराब क्रेडिट हिस्ट्री वाले व्यक्ति में वित्तीय अनुशासन की कमी हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति अपने निजी कर्ज नहीं संभाल पा रहा, तो वह सार्वजनिक धन की जिम्मेदारी कैसे संभालेगा — यही तर्क बैंकिंग संस्थान देते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि
बैंकिंग क्षेत्र में भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है
कर्मचारी की वित्तीय ईमानदारी जरूरी है
NPA संकट के बाद बैंक अधिक सतर्क हुए हैं
इसी कारण भर्ती प्रक्रिया में बैकग्राउंड चेक, पुलिस वेरिफिकेशन और अब क्रेडिट चेक भी शामिल किया जा रहा है।

क्या बिना लोन वाले उम्मीदवार को समस्या होगी
नोटिफिकेशन में यह भी लिखा गया है कि जिन उम्मीदवारों का कोई बैंक लोन या क्रेडिट कार्ड नहीं है, उन्हें CIBIL स्कोर देना जरूरी नहीं होता।
इसका मतलब
कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं = समस्या नहीं
खराब क्रेडिट हिस्ट्री = समस्या हो सकती है
यह नियम खासकर उन लोगों के लिए है जिन्होंने लोन लिया और भुगतान नहीं किया।

शिक्षा ऋण लेने वाले छात्रों की चिंता
जब यह नियम पहली बार लागू हुआ, तब कई छात्र संगठनों ने कहा कि शिक्षा ऋण लेने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो सकता है। कुछ मामलों में बैंक यूनियनों ने भी कहा कि
शिक्षा लोन लेने वाले छात्रों को डिफॉल्टर नहीं मानना चाहिए
नौकरी मिलने के बाद ही वे कर्ज चुका पाएंगे
हालांकि बैंकों ने स्पष्ट किया कि केवल डिफॉल्ट या खराब रिकॉर्ड वाले मामलों में ही समस्या होती है।

भर्ती के बाद भी जांच हो सकती है
कई बैंक नोटिफिकेशन में लिखा होता है कि यदि जॉइनिंग के बाद पता चलता है कि उम्मीदवार ने गलत जानकारी दी या क्रेडिट हिस्ट्री छिपाई, तो नियुक्ति रद्द की जा सकती है।
इससे पता चलता है कि यह नियम केवल औपचारिकता नहीं बल्कि सख्ती से लागू किया जा रहा है।

युवाओं के लिए चेतावनी: खर्च और EMI संभालकर करें
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में खराब CIBIL स्कोर केवल लोन नहीं रोकता, बल्कि नौकरी भी रोक सकता है।
इसलिए युवाओं को
क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर भरना चाहिए
EMI नहीं चूकनी चाहिए
अनावश्यक लोन नहीं लेना चाहिए
सेटलमेंट से बचना चाहिए
अच्छा वित्तीय व्यवहार अब करियर से भी जुड़ गया है।

क्या भविष्य में अन्य सरकारी नौकरियों में भी लागू होगा
फिलहाल यह नियम मुख्य रूप से
PSU बैंक
वित्तीय संस्थान
बीमा कंपनियों में देखा जा रहा है।
लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में
NBFC
निजी बैंक
फाइनेंस कंपनियां भी भर्ती में क्रेडिट चेक को जरूरी बना सकती हैं।

तैयारी करने वाले छात्रों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप बैंक नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो अभी से ये करें
अपना CIBIL स्कोर चेक करें
सभी बकाया EMI समय पर भरें
पुराने लोन बंद करें
गलत एंट्री को ठीक करवाएं
जरूरत पड़े तो NOC लें
यह छोटी-सी सावधानी नौकरी बचा सकती है।

बैंक नौकरी अब केवल परीक्षा से नहीं मिलेगी
बैंकिंग क्षेत्र में भर्ती प्रक्रिया धीरे-धीरे बदल रही है। अब केवल पढ़ाई और परीक्षा ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत वित्तीय अनुशासन भी चयन का हिस्सा बन चुका है। सरकारी बैंक भरोसे पर चलते हैं, और यही कारण है कि वे ऐसे कर्मचारियों को चुनना चाहते हैं जिनका रिकॉर्ड साफ हो। इसलिए जो युवा बैंक नौकरी का सपना देख रहे हैं, उन्हें किताबों के साथ-साथ अपने बैंक खाते का भी ध्यान रखना होगा। क्योंकि अब खराब CIBIL स्कोर आपकी मेहनत पर पानी फेर सकता है।

Geeta Singh
Geeta Singh

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