यूपी PCS इंटरव्यू में पूछे गए सवालों ने बढ़ाई चर्चा यहाँ सिर्फ ज्ञान नहीं, व्यक्तित्व की भी होती है परीक्षा?
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संवाद 24 डेस्क। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस परीक्षा का इंटरव्यू चरण हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। इस बार भी इंटरव्यू बोर्ड द्वारा पूछे गए कुछ सवालों ने अभ्यर्थियों और शिक्षाविदों के बीच बहस छेड़ दी है। किसी उम्मीदवार से विलियम शेक्सपीयर की स्पेलिंग लिखने को कहा गया, तो किसी से डॉ. बी.आर. अंबेडकर, एपीजे अब्दुल कलाम, शेरशाह सूरी, जेनेटिक फूड, मीडिया ट्रायल, यहां तक कि गंगा स्नान से पाप धुलने जैसे प्रश्न पूछे गए। ये सवाल केवल जानकारी की जांच नहीं बल्कि सोच, दृष्टिकोण और व्यक्तित्व का परीक्षण भी माने जा रहे हैं।
इंटरव्यू में शेक्सपीयर की स्पेलिंग से लेकर अंबेडकर तक — आखिर क्या परखा जाता है?
पीसीएस 2024 के इंटरव्यू में बोर्ड ने अलग-अलग विषयों से प्रश्न पूछकर उम्मीदवार की बहुआयामी समझ को परखने का प्रयास किया। अंग्रेजी साहित्य के अभ्यर्थी से शेक्सपीयर की स्पेलिंग लिखने को कहना केवल भाषा ज्ञान की जांच नहीं बल्कि यह देखना भी था कि उम्मीदवार अपने विषय के मूल तथ्यों से कितना परिचित है।
इसी तरह इतिहास से जुड़े सवालों में शेरशाह सूरी की मृत्यु, राजेंद्र चोल के बारे में जानकारी, तथा समसामयिक विषयों में जेनेटिकली मोडिफाइड फूड, कोविड-19 के प्रभाव, भारत-अमेरिका व्यापार, सरकारी योजनाएं, और सामाजिक मुद्दों पर राय पूछी गई।
बोर्ड ने कुछ प्रश्न ऐसे भी पूछे जो सीधे ज्ञान से नहीं बल्कि सोच से जुड़े थे, जैसे —
गंगा में स्नान से पाप धुलते हैं या नहीं?
किसान के पास एक बेटे और एक बेटी में से किसे पढ़ाना चाहिए?
निजी स्कूल महंगे होने के बावजूद लोकप्रिय क्यों हैं?
यदि आप SDM हों तो कानून व्यवस्था कैसे सुधारेंगे?
क्या मीडिया ट्रायल न्याय को प्रभावित करता है?
ऐसे सवाल यह दिखाते हैं कि प्रशासनिक अधिकारी बनने जा रहे व्यक्ति में सामाजिक संवेदनशीलता, तार्किकता और संतुलन है या नहीं।
PCS इंटरव्यू केवल परीक्षा नहीं, व्यक्तित्व परीक्षण है
विशेषज्ञों का मानना है कि सिविल सेवा इंटरव्यू का उद्देश्य केवल जानकारी जांचना नहीं होता, बल्कि यह एक Personality Test होता है। इसमें उम्मीदवार के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता, नैतिक दृष्टिकोण और प्रशासनिक समझ को परखा जाता है।
इंटरव्यू की तैयारी से जुड़े मार्गदर्शन में भी यही कहा जाता है कि बोर्ड उम्मीदवार से उसके विषय, राज्य, समाज, करंट अफेयर्स और प्रशासनिक परिस्थितियों से जुड़े प्रश्न पूछता है, ताकि यह समझा जा सके कि वह वास्तविक जीवन में निर्णय कैसे लेगा।
यही कारण है कि कई बार सवाल सीधे-साधे लगते हैं, लेकिन उनका उत्तर देने का तरीका ही चयन तय करता है।
अजीब लगने वाले सवालों के पीछे छिपी होती है प्रशासनिक सोच
बहुत से अभ्यर्थी यह सोचते हैं कि इंटरव्यू में ऐसे सवाल क्यों पूछे जाते हैं जिनका प्रशासन से सीधा संबंध नहीं दिखता। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यही सवाल असली परीक्षा होते हैं।
उदाहरण के लिए —
यदि पूछा जाए कि “गंगा में स्नान से पाप धुलते हैं?” तो इसका उद्देश्य धार्मिक बहस नहीं बल्कि उम्मीदवार की वैज्ञानिक सोच और सामाजिक संतुलन को देखना होता है।
“बेटे और बेटी में किसे पढ़ाओगे?” — यह सवाल लैंगिक समानता पर उम्मीदवार की सोच बताता है।
“निजी स्कूल ज्यादा लोकप्रिय क्यों हैं?” — यह प्रशासनिक सुधार की समझ को परखता है।
इस प्रकार के प्रश्न यह तय करते हैं कि उम्मीदवार केवल पढ़ा-लिखा है या समाज को समझने वाला जिम्मेदार व्यक्ति भी है।
समसामयिक घटनाओं पर राय क्यों पूछी जाती है
इंटरव्यू बोर्ड अक्सर उम्मीदवार से वर्तमान घटनाओं पर राय पूछता है, जैसे —
मीडिया ट्रायल का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय संबंध
कृषि और व्यापार
सरकारी योजनाओं का असर
इसका उद्देश्य यह देखना होता है कि उम्मीदवार समाचार पढ़ता है या नहीं, और वह किसी मुद्दे को एकतरफा नहीं बल्कि संतुलित दृष्टि से देख सकता है या नहीं।
प्रशासनिक सेवा में काम करने वाले अधिकारी को हर दिन ऐसे निर्णय लेने होते हैं जिनका समाज पर असर पड़ता है, इसलिए इंटरव्यू में यह क्षमता पहले ही परखी जाती है।
ज्ञान के साथ व्यवहारिक बुद्धि भी जरूरी
कई बार देखा गया है कि लिखित परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले उम्मीदवार इंटरव्यू में असफल हो जाते हैं। इसका कारण यह है कि लिखित परीक्षा में जानकारी महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इंटरव्यू में व्यक्तित्व और व्यवहार अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
इंटरव्यू की तैयारी से जुड़े विशेषज्ञ बताते हैं कि उम्मीदवार को
शांत रहना चाहिए
गलत उत्तर देने से बेहतर है स्वीकार करना
भावुक या आक्रामक नहीं होना चाहिए
तार्किक और संतुलित जवाब देना चाहिए
ऐसे गुण प्रशासनिक सेवा के लिए आवश्यक माने जाते हैं।
PCS इंटरव्यू में नैतिकता और संवेदनशीलता की परीक्षा
हाल के वर्षों में इंटरव्यू में नैतिक प्रश्नों की संख्या बढ़ी है। जैसे —
यदि नेता दबाव डाले तो क्या करेंगे
बेरोजगारी कैसे कम करेंगे
कानून और मानवता में क्या प्राथमिकता होगी
ये प्रश्न यह तय करते हैं कि उम्मीदवार दबाव में निर्णय कैसे लेगा।
प्रशासनिक अधिकारी को कई बार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जहां नियम, राजनीति और समाज तीनों का संतुलन बनाना पड़ता है। इसलिए इंटरव्यू बोर्ड पहले ही यह देखना चाहता है कि उम्मीदवार में यह क्षमता है या नहीं।
947 पदों की भर्ती, कड़ी प्रतिस्पर्धा और बढ़ता दबाव
पीसीएस 2024 के तहत लगभग 947 पदों पर भर्ती होनी है और इंटरव्यू प्रक्रिया मार्च तक चलने की संभावना है। अंतिम परिणाम मार्च के अंत तक घोषित हो सकता है।
इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों में से सही व्यक्ति चुनना आसान नहीं होता। इसलिए इंटरव्यू को चयन का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
क्या इंटरव्यू में पूछे गए सवाल विवाद पैदा करते हैं?
हर साल कुछ सवाल ऐसे होते हैं जिन पर चर्चा होती है। कुछ लोग इन्हें अनावश्यक मानते हैं, तो कुछ कहते हैं कि यही असली परीक्षा है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि
इंटरव्यू को पूरी तरह तथ्य आधारित नहीं बनाया जा सकता
प्रशासनिक सेवा के लिए व्यक्तित्व जरूरी है
इसलिए कुछ सवाल खुले-अंत वाले होते हैं
हालांकि यह भी जरूरी है कि इंटरव्यू निष्पक्ष और संतुलित हो।
अभ्यर्थियों के लिए क्या संदेश है
इस तरह के इंटरव्यू यह स्पष्ट कर देते हैं कि सिविल सेवा की तैयारी केवल किताबों से नहीं होती। उम्मीदवार को चाहिए कि वह
अपने विषय में मजबूत हो
समाज और राजनीति को समझे
समाचार पढ़े
तार्किक सोच विकसित करे
आत्मविश्वास बनाए रखे
इंटरव्यू में सफलता वही पाता है जो ज्ञान के साथ संतुलित व्यक्तित्व भी रखता है।
प्रशासनिक सेवा के लिए जरूरी है संतुलित दिमाग, सिर्फ याददाश्त नहीं
पीसीएस इंटरव्यू में शेक्सपीयर की स्पेलिंग पूछना भले ही साधारण लगे, लेकिन इसके पीछे यह संदेश छिपा है कि अधिकारी बनने वाला व्यक्ति अपने विषय, समाज और देश तीनों को समझता हो।
आज के समय में प्रशासनिक पद केवल नौकरी नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। इसलिए चयन प्रक्रिया भी ऐसी बनाई गई है जिसमें ज्ञान, व्यवहार, संवेदनशीलता, नैतिकता और निर्णय क्षमता — सबकी परीक्षा होती है।






