JEE Main 2026 में रिकॉर्ड 16 लाख आवेदन, सिर्फ 63 हजार सीटें, कितनी कड़ी होगी टक्कर?

संवाद 24 डेस्क। भारत में इंजीनियरिंग करियर का प्रथम पड़ाव जोड़ों का प्रवेश द्वार JEE Main (Joint Entrance Examination – Main) है, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित किया जाता है। यह परीक्षा देश भर के लाखों छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए क्रांतिकारी अवसर प्रदान करती है और इंजीनियरिंग व संबद्ध पाठ्यक्रमों में प्रवेश का मूल मार्ग है।
साल 2026 का JEE Main सत्र एक नए इतिहास का रिकॉर्ड लेकर आया है – अब तक के सभी पिछली प्रस्तुतियों को पीछे छोड़ते हुए 16 लाख से भी अधिक छात्रों ने आवेदन किया है, जो इस परीक्षा के लिए अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इस लेख में हम इसी उभरते परिदृश्य का विस्तृत विश्लेषण करेंगे, जिसमें आवेदन रुझान, सीटों का वितरण, प्रतिस्पर्धा का स्तर, और आगे की प्रक्रियाएँ शामिल हैं।

JEE Main 2026: रिकॉर्ड आवेदन संख्या
2026 के JEE Main के लिए अब तक रिकॉर्ड 16,00,000+ अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जो पिछले वर्षों के आंकड़ों से स्पष्ट रूप से अधिक है। यह आवेदन केवल एक सत्र में नहीं आए हैं, बल्कि जारी सत्र-2 के लिए भी काफी बड़ी संख्या में नए अभ्यर्थियों ने अपना नाम दर्ज कराया है। अब तक अप्रैल सत्र के लिए भी लगभग 2,05,000 नए यूनिक (नए) उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।
पिछले वर्षों की तुलना करें तो:
2021: लगभग 6,52,628 आवेदन
2022: लगभग 8,72,970 आवेदन
2023: लगभग 8,60,064 आवेदन
2024: लगभग 12,21,624 आवेदन
2025: लगभग 13,11,544 आवेदन
2026 (अब तक): लगभग 16,00,000+ आवेदन (रिकॉर्ड)

यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि JEE Main में भाग लेने वाले छात्रों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और 2026 में यह वृद्धि चरम पर पहुंच चुकी है।

आवेदन में वृद्धि के कारण – एक विश्लेषण
रिकॉर्ड आवेदनों के पीछे कई प्रमुख कारणों का योग है, जिनमें शामिल हैं:
. तकनीकी शिक्षा की बढ़ती प्रतिष्ठा
भारत में इंजीनियरिंग अब केवल एक पेशे नहीं है, बल्कि यह एक उज्जवल करियर मार्ग बन गई है। डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स आदि जैसे उभरते क्षेत्र इस परीक्षा के आकर्षण को बढ़ा रहे हैं।
. COVID के बाद परीक्षा स्थिरता
कोरोना महामारी के पश्चात JEE Main को नियमित और डिजिटल रूप से सुचारु रूप में आयोजित करने की प्रक्रियाओं ने छात्र समुदाय में प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित किया है।
. छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों का दबदबा
विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की नई पंक्तियों के विस्तार ने अब छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी JEE Main की ओर आकर्षित किया है।
. जागरूकता और मार्गदर्शन
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, कोचिंग संस्थान, और मार्गदर्शन सेवाओं से छात्रों को सही तैयारी दिशा और समयबद्ध योजना मिल रही है, जिससे अधिक छात्र इस परीक्षा में बैठ रहे हैं।
इन कारणों के परिणामस्वरूप 2026 में 16 लाख आवेदन की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि का संकेत देती है।

सीटों की कुल संख्या – 63,000 B.Tech सीटें
भले ही आवेदन रिकॉर्ड संख्या में हों, लेकिन सीटों की संख्या निश्चित रूप से सीमित रहती है। 2026 में सभी प्रमुख तकनीकी संस्थाओं (IIT, NIT, IIIT, GFTI) में कुल लगभग 63,000 B.Tech सीटें उपलब्ध हैं।
इन सीटों का विस्तृत विभाजन इस प्रकार है:
IIT (Indian Institutes of Technology): लगभग 18,160 सीटें
NIT (National Institutes of Technology): लगभग 24,525 सीटें
IIIT (Indian Institutes of Information Technology): लगभग 9,940 सीटें
GFTI (Government Funded Technical Institutes): लगभग 10,228 सीटें
यह आंकड़ा देश भर के प्रीमियम तकनीकी संस्थानों में सीटों की कुल उपलब्धता को दर्शाता है।

सीटों का वितरण और JoSAA की भूमिका
इन 63,000 सीटों के लिए छात्र JoSAA (Joint Seat Allocation Authority) के माध्यम से counselling प्रक्रिया से गुजरते हैं। यह एक नियमन मध्यस्थ निकाय है जो JEE Main और JEE Advanced के आधार पर सीटों का आवंटन करता है।
JoSAA counselling में छात्रों को उनकी रैंक, श्रेणी, और विकल्पों के आधार पर कॉलेज और शाखा आवंटित की जाती है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन होती है और इसमें कई राउंड होते हैं। इसका लक्ष्य अधिकतम पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

प्रतिस्पर्धा का स्तर – आवेदन बनाम सीटें
जब आवेदनों की संख्या लगभग 16 लाख है और उपलब्ध सीटों की कुल संख्या सिर्फ 63,000, तो एक बुनियादी गणित बताता है कि प्रति सीट औसतन लगभग 25 छात्र प्रतियोगिता कर रहे हैं।
लेकिन यह औसत मात्र एक संकेतक है – वास्तविक प्रतिस्पर्धा निम्नलिखित फैक्टर्स पर निर्भर करती है:
रैंक और परसेंटाइल स्कोर
वित्तीय श्रेणी और आरक्षण
पसंदीदा कॉलेज और ब्रांच की लोकप्रियता
उच्च श्रेणी (जैसे IIT, CSE) की सीटों पर प्रतिस्पर्धा कई गुना ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर, 97 प्रतिशत से अधिक परसेंटाइल वाले छात्रों को टॉप IIIT, NIT शाखाओं में प्रवेश के बेहतर अवसर मिलते हैं, जबकि निम्न श्रेणी में प्रवेश विकल्प सीमित हो सकते हैं।

प्रतिस्पर्धा, रैंक और परसेंटाइल की भूमिका
JEE Main में परसेंटाइल स्कोर बहुत अहम भूमिका निभाता है:
97+ परसेंटाइल रखने वाले छात्रों को टॉप कॉलेजों में प्रवेश के अच्छे अवसर मिलते हैं।
आम तौर पर टॉप NITs में 99+ परसेंटाइल की आवश्यकता होती है।
कम परसेंटाइल वाले छात्र IIIT/NIT की कुछ शाखाओं तथा GFTIs में अपनी सीट प्राप्त कर सकते हैं।
इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि न केवल आवेदन की संख्या बढ़ी है, बल्कि प्रतिस्पर्धा का स्तर भी अत्यंत कठिन है।

करेक्शन विंडो और संशोधन की सुविधा
JEE Main 2026 के लिए एनटीए ने करेक्शन विंडो भी खोली है, ताकि अभ्यर्थी अपनी विवरणों (जैसे श्रेणी, लिंग, प्रश्न पत्र माध्यम आदि) में संशोधन कर सकें। यह सुविधा 27 और 28 फरवरी को उपलब्ध रहेगी, जिससे छात्रों को अपनी गलतियों को सुधारने और अंतिम जानकारी अपडेट करने का अवसर मिलेगा।
यह निर्णय छात्रों के लिए राहत वाला कदम माना जा रहा है, क्योंकि कई बार प्रारंभिक आवेदन में विवरणों में त्रुटि हो जाती है।

JEE Main का महत्व – IIT, NIT, IIIT और GFTI
JEE Main का पैमाना सिर्फ एक परीक्षा नहीं है, बल्कि यह भारत में इंजीनियरिंग शिक्षा का आधारशिला है। इसकी विशिष्टता निम्नलिखित फैक्टर्स से समझी जा सकती है:
. IITs (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान)
IITs तकनीकी शिक्षा के शीर्ष संस्थान हैं, जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी इंजीनियरिंग शिक्षा प्रदान करते हैं।
. NITs (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान)
NIT केन्द्र और राज्य सरकारों की संयुक्त पहल का परिणाम हैं और यह उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा प्रदान करते हैं।
. IIITs (भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान)
IIITs विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर विज्ञान और संबंधित क्षेत्रों में अग्रणी हैं और तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
. GFTIs (सरकारी वित्त पोषित तकनीकी संस्थान)
GFTIs उन छात्रों के लिए विकल्प प्रदान करते हैं जो उच्च रैंक के बावजूद शीर्ष संस्थानों में प्रवेश पाने में सफल नहीं होते, पर फिर भी सरकारी मान्यता वाले मानक पाठ्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं।
ये संस्थान भारत की तकनीकी शिक्षा प्रणाली के मूल आधार हैं और JEE Main के जरिए इन संस्थानों में प्रवेश का अवसर मिलता है।

JEE Main के बाद की प्रक्रियाएँ
. रिजल्ट जारी

पहले सत्र का परिणाम 16 फरवरी को जारी किया गया तथा अब दूसरे सत्र के परिणाम की घोषणा का इंतजार है। यह परिणाम JEE Main की वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जारी होता है।
. JoSAA Counselling
रिजल्ट के बाद JoSAA counselling की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें छात्र अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कॉलेज और शाखा का चयन कर सकते हैं।
. JEE Advanced के लिए पात्रता
JEE Main के टॉपर 2,50,000 रैंकधारक JEE Advanced के लिए पात्र होंगे, जिससे उन्हें IIT में प्रवेश का मार्ग मिलता है।

भारत के इंजीनियरिंग प्रवेश प्रणाली का युवा भविष्य
JEE Main 2026 में 16 लाख से अधिक आवेदनों का रिकॉर्ड भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक नयी मिसाल स्थापित कर रहा है। यह न केवल छात्रों की आकांक्षा का परिणाम है बल्कि तकनीकी शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता और रोजगार संभावनाओं की वास्तविक मांग का प्रतिबिंब भी है।
सीटों की संख्या का सीमित होना इस प्रतिस्पर्धा को और अधिक तीव्र बनाता है, और JEE Main में सफलता वही पाता है जो कठोर तैयारी, रणनीति और मानसिक संतुलन के साथ परीक्षा में बैठता है।
भारतीय छात्रों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा, JoSAA counselling की जटिल प्रक्रियाएँ, और तकनीकी शिक्षाशास्त्र की बढ़ती मांग इस परीक्षा को केवल एक प्रवेश परीक्षा से कहीं अधिक देश का तकनीकी भविष्य निर्धारक मंच बना देती हैं।
इसलिए, JEE Main 2026 केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि भारत के युवा इंजीनियरों के सपनों का एक सम्मानजनक अवसर है।

Geeta Singh
Geeta Singh

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