परीक्षा पे चर्चा 2026: अब तक 2.75 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन, रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद
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संवाद 24 डेस्क। देश भर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित वार्षिक संवाद कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा 2026” (Pariksha Pe Charcha 2026) को लेकर जबरदस्त उत्साह और रुचि देखने को मिल रहा है। इस बार के 9वें संस्करण के लिए अब तक लगभग 2.75 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए जा चुके हैं, और इस संख्या के बढ़ने से पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अभूतपूर्व जवाब, रिकॉर्ड की ओर बढ़ता PPC 2026
परीक्षा पे चर्चा 2026 (PPC 2026) पर अब तक कुल 2,75,18,629 से अधिक पंजीकरण MyGov पोर्टल पर रिकॉर्ड किए जा चुके हैं, जिनमें छात्रों की संख्या सबसे अधिक है। रजिस्ट्री आंकड़ों के अनुसार लगभग:
छात्र: ~2,56,85,686
शिक्षक: ~15,26,274
अभिभावक: ~3,06,669
ये आंकड़े इस कार्यक्रम के प्रति देशभर में बढ़ती भागीदारी और उत्साह को दर्शाते हैं। विशेष रूप से यह बात उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष (PPC 2025) में लगभग 3.53 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज हुए थे और यह रिकॉर्ड गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज भी हुआ था। इस बार की संख्या भी इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की संभावना रखती है।
आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया
परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 11 जनवरी, 2026 है। इस तारीख के भीतर इच्छुक विद्यार्थी, शिक्षक और माता-पिता आधिकारिक वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन करने के मुख्य चरण
आधिकारिक वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाएँ।
होमपेज पर “Participate Now” बटन चुनें।
अपनी श्रेणी (स्टूडेंट/टीचर/पेरेंट) का चयन करें।
अपना नाम, मोबाइल नंबर/ईमेल ID आदि विवरण दर्ज करें।
आवश्यक विवरण भरकर फॉर्म सबमिट करें।
पंजीकरण की प्रक्रिया संपूर्णतः मुफ्त है और इसमें डिजिलॉकर या मोबाइल/ईमेल OTP वेरिफिकेशन के जरिए भाग लिया जा सकता है।
PPC 2026 का उद्देश्य और महत्त्व
“परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम का लक्ष्य बोर्ड परीक्षाओं और अन्य प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के दौरान छात्रों में तनाव और चिंता को कम करना है। इस मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधे बातचीत करते हैं और परीक्षा-तैयारी, आत्म-विश्वास, समय-प्रबंधन, तनाव नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण चीज़ों पर सुझाव देते हैं।
यह कार्यक्रम खास इसलिए भी माना जाता है क्योंकि यह मात्र एक संवाद नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय छात्र-आंदोलन बन चुका है जहाँ लाखों विद्यार्थी, शिक्षक और माता-पिता भाग लेते हैं और सीधे प्रधानमंत्री से चर्चा करते हैं।
बातचीत से क्या मिलता है?
परीक्षा पे चर्चा में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागी:
प्रधानमंत्री से सीधा संवाद करने का अवसर पा सकते हैं।
परीक्षा-से जुड़ी चिंताओं के बारे में सवाल पूछ सकते हैं।
मनोरोग, समय प्रबंधन और पढ़ाई की रणनीति जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर डिजिटल भागीदारी प्रमाण पत्र भी मिल सकता है।
भागीदारी वृद्धि का मतलब क्या?
पिछले कुछ वर्षों से यह कार्यक्रम लगातार बड़ा हो रहा है, और अब इसे छात्रों के बीच आत्मिक विकास, सकारात्मक सोच और परीक्षा संबंधी तनाव से निपटने का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ सीधे संवाद के जरिए यह पहल शिक्षा-सम्बंधित चिंताओं को सुलझाने का अवसर प्रदान करती है।






