एग्ज़ाम स्ट्रेस से लेकर जीवन कौशल तक, परीक्षा पे चर्चा 2026 में पीएम मोदी की खुली बातचीत
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संवाद 24 डेस्क। 6 फरवरी 2026, सुबह लगभग 10 बजे, भारत में शिक्षा-सम्बंधी एक बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम — परीक्षा पे चर्चा 2026 (Pariksha Pe Charcha 2026) का 9वां संस्करण आयोजित किया गया। इस संवाद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी चिंता, तनाव, तैयारी, समय-प्रबंधन और आत्मविश्वास जैसे विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करना है।
क्या है ‘परीक्षा पे चर्चा’?
‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) एक वार्षिक राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम है, जिसकी शुरुआत 2018 में प्रधानमंत्री द्वारा की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य छात्रों को बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं से पहले मनःस्थिति, सीखने की रणनीतियाँ और तनाव-मुक्त तैयारी के बारे में मार्गदर्शन देना है। यह कार्यक्रम अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थियों को जोड़ते हुए एक व्यापक राष्ट्रीय मंच बन चुका है।
कार्यक्रम का आयोजन और प्रसारण
परीक्षा पे चर्चा 2026 सुबह 10 बजे से लाइव प्रसारित किया गया। इसे देशभर के छात्रों के लिए टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों पर उपलब्ध कराया गया — जिसमें प्राइम यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (DD National, DD News, DD India), सोशल मीडिया चैनल्स और शिक्षा मंत्रालय के पोर्टल्स शामिल थे। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को कहीं से भी इस सत्र को लाइव देखने की सुविधा दी गई।
इस बार क्या खास था
इस वर्ष का संस्करण 9वाँ था और इसके लिए लगभग 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जो पिछले रिकॉर्ड को भी पार करने वाला आंकड़ा बताया गया।
मॉड्यूल को इस बार नए प्रारूप में पेश किया गया, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों के छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने और सीधे सवाल पूछने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में चुनिंदा छात्रों से व्यक्तिगत बातचीत भी हुई और उनके अनुभव तथा प्रश्नों के आधार पर पीएम ने जवाब दिए।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रमुख संदेश
तनाव-मुक्त परीक्षा: प्रधानमंत्री ने बार-बार एग्ज़ाम स्ट्रेस को कम करने पर जोर दिया और कहा कि पढ़ाई को ‘जीवन का अंतिम लक्ष्य’ न बनाकर उसे एक शिक्षण-अभ्यास का अवसर समझना चाहिए।
आत्म-विश्वास और धैर्य: उन्होंने छात्रों को यह सलाह दी कि आत्म-विश्वास और धैर्य परीक्षा-समय में सबसे महत्वपूर्ण क्षमता है। कठिन समय में निराश न होकर लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
अपनी पढ़ाई के पैटर्न पर भरोसा: मोदी ने कहा कि छात्रों को अपनी पढ़ाई के तरीके पर भरोसा रखना चाहिए, और दूसरों द्वारा सुझाए गए तरीकों से भ्रमित नहीं होना चाहिए। सुझावों को सुनना अच्छा है, लेकिन अंत में अपनी मेहनत का अपना तरीका अपनाएं।
जीवन कौशल का महत्व: उन्होंने यह भी कहा कि केवल किताबों तक सीमित रहने की बजाय जीवन कौशल, समय प्रबंधन और स्वस्थ दिनचर्या पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यही कौशल छात्रों को दीर्घकालिक रूप से सफलता दिलाते हैं।
बोर्ड को प्राथमिकता: एक अहम संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को प्राथमिकता देना चाहिए क्योंकि यह अकादमिक जीवन की नींव होती है और समझ के अनुसार तैयार होने पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी सहज हो जाती है।
छात्रों के सवाल और बातचीत
कार्यक्रम में छात्रों ने परीक्षा-सम्बंधित कई संवेदनशील और व्यावहारिक सवाल पूछे, जैसे:
कॉपी का दबाव कैसे संभालें?
घर में पढ़ाई को लेकर टिप्पणियों का सामना कैसे करें?
कौशल बनाम नंबर की दिशा में क्या चुनाव करें?
इन सभी सवालों पर पीएम ने स्पष्ट, सरल और सकारात्मक उत्तर दिए, जो छात्र समुदाय में प्रेरणा का स्रोत बने।
शिक्षकों और अभिभावकों के लिए संदेश
प्रधानमंत्री ने सिर्फ छात्रों तक ही सीमित नहीं रहते हुए शिक्षकों और अभिभावकों को भी संदेश दिया कि वे छात्रों का समर्थन करें, उनकी भावनाओं को समझें, और परीक्षा तैयारी के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करें। इस संवाद का उद्देश्य केवल एग्ज़ाम टेक्निक्स नहीं, बल्कि संपूर्ण शिक्षा और विकास की ओर सामाजिक समर्थन को बढ़ावा देना भी है।
परीक्षा पे चर्चा 2026 ने न केवल छात्रों को परीक्षा-पूर्व तनाव से निपटने के लिए दिशा दी, बल्कि एक सकारात्मक, संतुलित और आशावादी दृष्टिकोण विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाई। यह कार्यक्रम अब सिर्फ एक संवाद नहीं रहा, बल्कि एक राष्ट्रीय छात्र-समर्थन पहल बन चुका है। भविष्य में भी इस तरह के संवाद शिक्षा प्रणाली में मानसिक स्वास्थ्य, सीखने की रणनीतियाँ और व्यक्तिगत विकास को सशक्त बनाएंगे।






