
संवाद 24 बिज़नेस डेस्क। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर आज से फिर औपचारिक बातचीत शुरू होने जा रही है। भारत में अमेरिका के नए राजदूत Sergio Gor ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। उनके बयान के बाद घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई और सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से उबरते हुए मजबूती के साथ बंद हुआ।
नई दिल्ली पहुंचने के बाद राजदूत गोर ने कहा कि दोनों देश मंगलवार से व्यापार समझौते को लेकर अगली दौर की वार्ता शुरू करेंगे। उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारियों में से एक बताया। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में Donald Trump प्रशासन की ओर से यह कहा गया है कि भारत समझौते को अंतिम रूप देने में देरी कर रहा है।
राजदूत गोर ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल टैरिफ और बाजार पहुंच तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें सुलझाने की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी मौजूद है। उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को उच्चतम स्तर पर स्थापित साझेदारी बताया।
ट्रंप-मोदी संबंधों का उल्लेख
व्यापार वार्ता को लेकर गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच व्यक्तिगत स्तर पर मजबूत संबंध हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना आसान प्रक्रिया नहीं है, क्योंकि भारत एक बड़ा और जटिल बाजार है और बातचीत कई स्तरों पर चल रही है।
दो स्तरों पर बातचीत
भारत और अमेरिका लंबे समय से दो अलग-अलग ढांचों पर चर्चा कर रहे हैं। एक ओर ढांचागत व्यापार समझौते पर वार्ता चल रही है, जिसका उद्देश्य अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ को संबोधित करना है। दूसरी ओर एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भी बातचीत जारी है। अमेरिका ने 27 अगस्त से भारत से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लागू कर रखे हैं, जिसमें रूस से तेल आयात को लेकर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है।
$500 अरब का लक्ष्य
दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, टैरिफ और बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दे अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। राजदूत गोर ने कहा कि व्यापार इस रिश्ते का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसके अलावा सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
भारत को अमेरिका की वैश्विक रणनीति के लिए अहम बताते हुए गोर ने कहा कि आने वाले महीनों में दोनों देश रणनीतिक साझेदार के रूप में अपने सहयोग को और आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे।






