
मौत की गहराई में छिपा अमरत्व: प्रमाणकोटि का वो काला सच, जब भीम ‘दशसहस्त्र’ हाथियों के बल से संपन्न हुए
संवाद 24 डेस्क। महाराज पाण्डु की मृत्यु के पश्चात जब पाँचों पांडव कुंती के साथ हस्तिनापुर लौटे, तो प्रारंभ में उनका स्वागत हुआ। परंतु जैसे-जैसे समय बीतने लगा, धृतराष्ट्र के पुत्रों (कौरवों) और पांडवों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने लगी। इस…









