
जब वेदों से निकला स्वास्थ्य का विज्ञान, जानिए आयुर्वेद का चमत्कारी रहस्य।
संवाद 24 (संजीव सोमवंशी)। भारतीय संस्कृति में शरीर को केवल मांस और हड्डियों का ढांचा नहीं माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है “शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्” अर्थात यह शरीर ही सभी धर्मों और कर्तव्यों की पूर्ति का साधन है।…








