फर्रुखाबाद में श्रीरामनगरिया मेले का भव्य शुभारंभ, प्रशासनिक पंडाल में रुद्राभिषेक, गंगा आरती और दीपोत्सव
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संवाद 24 फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पर शनिवार को माघ मेला श्रीरामनगरिया का विधिवत शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और रुद्राभिषेक के साथ किया गया। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने प्रशासनिक पंडाल में पूजन कर मेले का उद्घाटन किया। यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेला 3 जनवरी से 3 फरवरी तक एक माह तक चलेगा।

उद्घाटन अवसर पर आयोजित रुद्राभिषेक में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने यजमान की भूमिका निभाई। लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में फैले मेला परिसर का विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया गया। मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पांचाल घाट पहुंचे, जहां धर्म, साधना, भक्ति और परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मेले में देश-प्रदेश से आए हजारों साधु-संत और कल्पवासी गंगा तट पर कुटिया बनाकर एक माह तक कल्पवास करेंगे। इस दौरान नियमित गंगा स्नान, जप-तप, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। मान्यता है कि कल्पवास से आत्मशुद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है।

जिलाधिकारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा स्थापित विकास प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वरोजगार और कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। श्रद्धालुओं और आगंतुकों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की सुविधा व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामनगरिया मेला इस वर्ष भी पूरी श्रद्धा, भक्ति और सुव्यवस्थित वातावरण में प्रारंभ हुआ है।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए एक अस्थायी कोतवाली और 11 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। सात वॉच टावरों पर आधुनिक उपकरणों और हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
इस वर्ष मेला परिसर को विशेष रूप से भव्य रूप दिया गया है। रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाता गंगा तट, आकर्षक प्रवेश द्वार, सुसज्जित कल्पवास क्षेत्र और भव्य मंच मेले की शोभा बढ़ा रहे हैं। रात्रि में गंगा तट का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सौंदर्य का अनुपम अनुभव बना।
शाम को बनारस से आए आचार्यों द्वारा विधिविधान से मां गंगा की आरती कराई गई। आरती से पूर्व पूजन संपन्न हुआ, इसके बाद 21 हजार दीप प्रज्वलित कर भव्य दीपोत्सव आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने गंगा में दीपदान किया और आरती के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया।
मेला सचिव एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार ने बताया कि मेला श्रीरामनगरिया जनपद की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस वर्ष मेले को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विकास प्रदर्शनी के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को भी जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
इस वर्ष माघ मेला श्रीरामनगरिया की आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को मेला संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेगी।






