मीटिंग के दौरान BJP विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का निधन, हार्ट अटैक से गई जान
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संवाद 24 बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का अचानक निधन हो गया। सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की मौजूदगी में चल रही एक बैठक के दौरान दोपहर करीब सवा दो बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और वे सीना पकड़कर बैठ गए। कुछ ही पलों में पसीना छूटने लगा, जिससे बैठक में अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर मौजूद सहयोगियों ने उन्हें तुरंत मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंचाया। यह अस्पताल सर्किट हाउस से लगभग सात किलोमीटर और विधायक के आवास शक्तिनगर से महज सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें सीपीआर दिया और वेंटिलेटर पर रखा, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती चली गई। करीब तीन बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
खास बात यह है कि डॉ. श्याम बिहारी लाल ने एक दिन पहले ही 1 जनवरी को अपना 60वां जन्मदिन मनाया था। उनके आकस्मिक निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
भाजपा सांसद छत्रपाल गंगवार ने बताया कि बैठक का माहौल सामान्य और सकारात्मक था। बैठक के बाद मंत्री धर्मपाल सिंह की ओर से सहभोज रखा गया था और सभी हंसी-मजाक कर रहे थे, तभी अचानक विधायक को हार्ट अटैक आया।
परिजनों के अनुसार डॉ. श्याम बिहारी लाल को वर्ष 2007 में पहला हार्ट अटैक पड़ा था, जिसके बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी। तब से उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को आया दूसरा हार्ट अटैक उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।
विधायक का पार्थिव शरीर उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। क्षेत्र और प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और समर्थक उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ शनिवार 3 जनवरी को दोपहर 12 बजे बरेली में किया जाएगा।
डॉ. श्याम बिहारी लाल बरेली की फरीदपुर विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए थे। यह सीट परंपरागत रूप से सुरक्षित मानी जाती रही है, लेकिन किसी भी नेता का लगातार दो बार जीतना मुश्किल रहा है, जिसे उन्होंने तोड़ा।
उनके परिवार में पत्नी मंजुलता, एक बेटा और दो बेटियां हैं। पत्नी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका हैं। बड़ी बेटी शिल्पा ग्वाल रक्षा क्षेत्र के कैंटोनमेंट बोर्ड में संपदा अधिकारी हैं, जबकि छोटी बेटी शिवानी ग्वाल मुंबई में भारतीय रिजर्व बैंक में कार्यरत हैं। बेटा ईशान ग्वाल दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहा है।
डॉ. श्याम बिहारी लाल का जन्म 1 जनवरी 1966 को शाहजहांपुर जिले में हुआ था। वे उच्च शिक्षित थे और राजनीति में आने से पहले शिक्षा जगत में एक प्रतिष्ठित नाम थे। वे बरेली की महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड विश्वविद्यालय में प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष थे। इसके अलावा वे पांचाल संग्रहालय के निदेशक और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, नोएडा के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य भी रहे।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की थी। एक विद्वान, शिक्षाविद और जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी पहचान रही। उनके निधन को बरेली ही नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति और शिक्षा जगत के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है।






