शी जिनपिंग का बड़ा एक्शन : भ्रष्टाचार के आरोपों में चीन के तीन शीर्ष सैन्य अधिकारी बर्खास्त
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चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए राष्ट्रपति Xi Jinping के नेतृत्व में बड़ा फैसला लिया गया है। चीन की संसद National People’s Congress की स्थायी समिति ने तीन शीर्ष सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ की गई है।
बर्खास्त किए गए अधिकारियों में केंद्रीय सैन्य आयोग की राजनीतिक और कानूनी मामलों की समिति के प्रमुख वांग रेनहुआ, पीपुल्स आर्म्ड पुलिस (PAP) के राजनीतिक आयुक्त झांग होंगबिंग और CMC के प्रशिक्षण विभाग के निदेशक वांग पेंग शामिल हैं।
लंबे समय से गायब, अटकलों पर लगी मुहर
हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ये तीनों अधिकारी हाल के महीनों से कई अहम कार्यक्रमों में नजर नहीं आए थे। इनमें जुलाई के अंत में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की स्थापना वर्षगांठ और अक्टूबर में कम्युनिस्ट पार्टी का चौथा पूर्ण सत्र भी शामिल है। उनकी लगातार अनुपस्थिति के चलते पहले से ही उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब औपचारिक फैसला सामने आ गया है।
केंद्रीय समिति के सदस्य, फिर भी कार्रवाई
रिपोर्ट में बताया गया है कि बर्खास्त किए गए ये तीनों अधिकारी अब भी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) की केंद्रीय समिति के पूर्ण सदस्य हैं। इसके बावजूद उन्हें CMC जैसे शक्तिशाली सैन्य निकाय से हटाया जाना इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार के मामलों में पार्टी और सरकार किसी भी स्तर पर नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
पहले भी हो चुकी है सख्त कार्रवाई
एनपीसी की स्थायी समिति ने इससे पहले CMC के पूर्व उपाध्यक्ष हे वेइडोंग को भी निष्कासित किया था, जिन्हें अक्टूबर में पार्टी से बाहर कर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसी तरह, PLA के राजनीतिक कार्य विभाग के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी हे होंगजुन की सदस्यता भी भ्रष्टाचार के आरोपों में रद्द की जा चुकी है।
जिनपिंग के नेतृत्व में सख्त संदेश
चीन की सेना की सर्वोच्च कमान केंद्रीय सैन्य आयोग के हाथ में है, जिसकी अध्यक्षता खुद शी जिनपिंग करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का प्रयास है, बल्कि सेना में अनुशासन और नेतृत्व पर पार्टी की पकड़ को और मजबूत करने का संकेत भी है।
यह घटनाक्रम साफ करता है कि शी जिनपिंग के दौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान अब भी जारी है और चीन की सैन्य व्यवस्था में बड़े बदलावों का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है।






