इजराइल के फैसले के खिलाफ 21 मुस्लिम देशों का साझा विरोध, सोमालीलैंड को मान्यता पर जताई आपत्ति
Share your love

संवाद 24 जेरूसलम। इजराइल द्वारा सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है। 21 मुस्लिम देशों ने इस फैसले के खिलाफ संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि यह कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे हॉर्न ऑफ अफ्रीका, लाल सागर क्षेत्र और वैश्विक शांति व सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता है।
इजराइल ने 26 दिसंबर को सोमालीलैंड को औपचारिक मान्यता देने की घोषणा की थी, जिससे वह ऐसा करने वाला पहला देश बन गया। इस संबंध में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही के बीच संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर हुए।

मुस्लिम देशों का संयुक्त बयान
जॉर्डन, मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये, ईरान, पाकिस्तान, कतर, कुवैत, इराक, लीबिया, सूडान, यमन, नाइजीरिया, मालदीव सहित 21 देशों ने बयान में कहा कि:
- सोमालीलैंड को अलग देश के रूप में मान्यता देना सोमालिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा आघात है।
- यह कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।
- किसी देश के हिस्से को अलग मान्यता देना अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
- इस तरह की कार्रवाई इजराइल की विस्तारवादी नीति को दर्शाती है।
- फिलिस्तीनी क्षेत्रों से जुड़ी जबरन विस्थापन की किसी भी कोशिश को भी खारिज किया गया।
ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने भी इस संयुक्त बयान का समर्थन करते हुए इजराइल के फैसले की कड़ी निंदा की है।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया
अफ्रीकी संघ (AU), अरब लीग और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी इजराइल के कदम को सोमालिया की संप्रभुता पर हमला बताया। अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने कहा कि सोमालीलैंड, सोमालिया का अभिन्न हिस्सा है और इस तरह की मान्यता क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर सकती है।
सोमालिया की कड़ी आपत्ति
सोमालिया सरकार ने इजराइल से इस मान्यता को तुरंत वापस लेने की मांग की है। सोमालिया का कहना है कि यह निर्णय उसकी क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ है और इससे पहले से अस्थिर क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। यूरोपीय संघ ने भी सोमालिया की संप्रभुता के सम्मान की अपील की है।
सोमालीलैंड में जश्न
वहीं, सोमालीलैंड में इजराइल के फैसले का स्वागत किया गया। राजधानी सहित कई इलाकों में लोग सड़कों पर उतरे और झंडे लहराकर जश्न मनाया।
पृष्ठभूमि
सोमालीलैंड ने 1991 में सोमालिया से अलग होकर खुद को स्वतंत्र गणराज्य घोषित किया था, लेकिन अब तक उसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली है। सोमालिया लगातार इसे अपना अभिन्न हिस्सा बताता रहा है, जिससे दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।






