राहुल गांधी का आरोप— संविधान को कमजोर करने की साजिश में जुटी भाजपा
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बर्लिन में बोले नेता प्रतिपक्ष: ED-CBI को बनाया गया राजनीतिक हथियार, लड़ाई सिर्फ बीजेपी से नहीं, संस्थाओं के दुरुपयोग से भी
संवाद 24। बर्लिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर संविधान की मूल भावना को समाप्त करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसे विचार को खत्म करना चाहती है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान सम्मान और समान अवसर देता है। राहुल ने यह बातें जर्मनी के बर्लिन शहर में छात्रों से संवाद के दौरान कहीं।
राहुल गांधी 17 से 19 दिसंबर तक जर्मनी दौरे पर थे। इस दौरान 18 दिसंबर को उन्होंने बर्लिन स्थित हर्टी स्कूल में विद्यार्थियों को संबोधित किया था। कांग्रेस पार्टी ने सोमवार देर रात इस संवाद का लगभग एक घंटे का वीडियो सार्वजनिक किया। वीडियो में राहुल ने कहा कि भाजपा राज्यों, भाषाओं और धर्मों की समानता के विचार को कमजोर कर रही है और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर धीरे-धीरे नियंत्रण स्थापित कर चुकी है।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि आज देश की प्रमुख संस्थाएं स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि CBI और ED जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है। राहुल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी लड़ाई केवल भाजपा से नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था से भी है, जिसमें संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है।
चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीते हैं और हरियाणा चुनाव को लेकर भी पार्टी को गंभीर आपत्तियां हैं। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा की मतदाता सूची में एक विदेशी महिला का नाम सामने आया था, लेकिन इस पर चुनाव आयोग ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। राहुल ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र चुनाव भी पूरी तरह निष्पक्ष नहीं थे।
वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। उन्होंने बताया कि पहले अमेरिका के प्रभुत्व वाली वैश्विक व्यवस्था से भारत को लाभ मिला, लेकिन अब अमेरिका को आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हिस्सा चीन के हाथ में चला गया है, जिससे भारत जैसे देशों में रोजगार की चुनौती बढ़ी है।
राहुल ने कहा कि भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार केवल मैन्युफैक्चरिंग से ही पैदा हो सकता है, लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों ने छोटे और मध्यम उद्योगों को कमजोर किया है। उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि इन नीतियों से स्थानीय उद्योगों को नुकसान पहुंचा, जबकि कुछ बड़े कारोबारी समूहों को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने इसे भारत के दो दृष्टिकोणों के बीच संघर्ष बताया। एक ओर ऐसा विचार है, जो सत्ता को एक मजबूत नेता के इर्द-गिर्द केंद्रित करना चाहता है, जबकि दूसरा दृष्टिकोण संवाद, सहमति और विविधताओं के सम्मान पर आधारित है। राहुल ने कहा कि भारत इतना विशाल और विविध देश है कि इसका भविष्य किसी एक व्यक्ति के फैसले पर नहीं छोड़ा जा सकता।
इससे पहले भी राहुल गांधी ने RSS पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि संघ के लिए सच्चाई से ज्यादा शक्ति महत्वपूर्ण है, जबकि कांग्रेस सत्य, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है। उन्होंने इसे दोनों विचारधाराओं के बीच बुनियादी अंतर बताया।
गौरतलब है कि राहुल गांधी प्रोग्रेसिव अलायंस के निमंत्रण पर जर्मनी के तीन दिवसीय दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने म्यूनिख में BMW के मुख्यालय का भी दौरा किया और औद्योगिक उत्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा।






